
हिमांशु सिंह हत्याकांड पर एनडीए का उग्र विरोध, आदित्यपुर टोल ब्रिज जाम; वीएचपी जिलाध्यक्ष डॉ. जे.एन. दास समेत कई हिरासत में


रिपोर्टर – जगबंधु महतो
“अपराधियों पर कठोर कार्रवाई तक संघर्ष जारी रहेगा” — डॉ. जे.एन. दास, बंद के दौरान पुलिस कार्रवाई से बढ़ा राजनीतिक ताप
आदित्यपुर। करनी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या के विरोध में शुक्रवार को एनडीए द्वारा आहूत जमशेदपुर बंद का असर सरायकेला-खरसावां जिले में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। आदित्यपुर और गम्हरिया क्षेत्र में भाजपा एवं सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।
आदित्यपुर में विश्व हिंदू परिषद के सरायकेला-खरसावां जिलाध्यक्ष डॉ. जे.एन. दास के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता आदित्यपुर टोल ब्रिज पहुंचे और सड़क जाम कर विरोध-प्रदर्शन किया। टोल ब्रिज पर कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया और बाद में डॉ. जे.एन. दास सहित कई समर्थकों को हिरासत में लेकर आदित्यपुर थाना ले गई। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
हिरासत में लिए जाने से पहले डॉ. जे.एन. दास ने कहा कि हिमांशु सिंह की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि प्रदेश की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने मांग की कि हत्याकांड के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक अपराधियों पर निर्णायक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष और जनआंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन में अमित सिंह उर्फ शानू, सिंटू गोराई, संतोष सिंह, धनंजय स्वर्णकार, अमन सिंह, गौरव झा, मंत्रेश झा, अमित पाल, मास नायक, विक्की पांडेय, गोपी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं गम्हरिया में अमित सिंहदेव और अजीत सिंह के नेतृत्व में दुर्गा पूजा मैदान के समीप टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क को जाम किया गया। बाद में गम्हरिया पुलिस ने हस्तक्षेप कर प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाया और यातायात को सामान्य कराया।

