कोल्हान से भाजपा का मिशन संगठन तेज, अमर बाउरी ने राहुल गांधी, हेमंत सरकार और कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना

रिर्पोटर – जगबंधु महतो
“युवाओं के नाम पर हो रही राजनीति बेनकाब होगी”— सरायकेला में भाजपा नेता अमर बाउरी ने JPSC, NEET और मदरसों पर रखी पार्टी की बात
सरायकेला:
भारतीय जनता पार्टी ने कोल्हान प्रमंडल में संगठनात्मक मजबूती का बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में सरायकेला जिला कार्यालय में कोल्हान प्रमंडल स्तरीय मंडल प्रवासी कार्यकर्ता बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरायकेला-खरसावाँ, चाईबासा और चक्रधरपुर जिलों के जिला पदाधिकारी, जिला प्रभारी, मंडल अध्यक्ष, मंडल प्रभारी एवं मंडल प्रवासी कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर आगामी संगठनात्मक रणनीति पर मंथन किया।
बैठक के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए भाजपा के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने राष्ट्रीय और राज्य की राजनीति से जुड़े कई मुद्दों पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के समक्ष हुए धरना-प्रदर्शन को राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि कांग्रेस युवाओं की चिंता कम और राजनीतिक लाभ अधिक चाहती है।
नीट परीक्षा विवाद पर बाउरी ने कहा कि मामले की सीबीआई जांच पूरी हो चुकी है, दोषियों की गिरफ्तारी भी हुई है तथा परीक्षा परिणाम जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कांग्रेस इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में कांग्रेस, झामुमो और राजद युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर विषयों पर भी राजनीति कर रहे हैं।
जेपीएससी मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा के लगातार आंदोलन के बाद जांच और कार्रवाई हुई तथा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष को इस्तीफा देना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से जवाब मांग रही है तो उसे झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी जवाब मांगना चाहिए।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के मुद्दों के समाधान के बजाय राजनीतिक माहौल बनाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा केवल बयानबाजी से नहीं बल्कि पारदर्शी व्यवस्था से होगी।
मदरसों से जुड़े प्रश्न पर उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का मूल्यांकन निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए। यदि कहीं भी कानून के विरुद्ध या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रमाण मिलते हैं तो सरकार को बिना किसी भेदभाव के सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थान राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण और सामाजिक विकास के केंद्र होने चाहिए।

