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रजो पर्व पर गूंजा छऊ का रंग, केपी सोरेन ने कहा- लोक संस्कृति सामाजिक एकता की सबसे बड़ी ताकत

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रिपोर्टर : जगबंधु महतो

गमदेसाई बाड़ेडीह में भव्य छऊ महोत्सव, परंपरा और भाईचारे के संरक्षण का दिया संदेश

 

राजनगर : सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड के गमदेसाई बाड़ेडीह गांव में रजो पर्व के अवसर पर भव्य छऊ नृत्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन झामुमो नेता केपी सोरेन ने किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों को रजो पर्व की शुभकामनाएं देते हुए छऊ नृत्य की समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला।
केपी सोरेन ने कहा कि छऊ नृत्य कोई नई कला नहीं, बल्कि सदियों पुरानी लोक परंपरा है, जो समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की छऊ के प्रति गहरी आस्था और विश्वास है। छऊ केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि छऊ नृत्य के माध्यम से गांव, पंचायत और समाज के लोगों को एकजुट रखने का महत्वपूर्ण प्रयास किया जाता है। विभिन्न भाव-भंगिमाओं और कलात्मक प्रस्तुतियों के जरिए कलाकार समाज को सकारात्मक संदेश देते हैं तथा लोगों को सामाजिक सौहार्द की ओर प्रेरित करते हैं।
केपी सोरेन ने कहा कि छऊ नृत्य को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठा और पहचान मिली है। इसकी बढ़ती लोकप्रियता हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में छऊ के माध्यम से समाज में नई ऊर्जा, उत्साह और शक्ति का संचार होगा तथा सामाजिक एकता और मजबूत होगी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, छऊ कलाकार एवं सांस्कृतिक प्रेमी उपस्थित रहे। देर रात तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

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