गिलान पाड़ा की सड़क के लिए कई साल से तरस रही जनता


दुमका ब्यूरो : मौसम गुप्ता मका । दुमका
दुमका । एक तरफ सरकार विकसित झारखंड और उपराजधानी के कायाकल्प के बड़े-बड़े वादे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ उपराजधानी दुमका की सड़कें खुद बदहाली की कहानी सुना रही हैं।प्रशासन के दावों की पोल खोल रही हैं। पूरी सड़क बड़े-बड़े गड्ढों और गंदे पानी से लबालब है। ई-रिक्शा, बाइक, कार और स्कूली बच्चे सभी जान जोखिम में डालकर निकलने को मजबूर हैं। जरा सी चूक और बड़ा हादसा तय है।
रोज गुजरते हैं, कोई नहीं सुनता
स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि यही रास्ता से जिला प्रशासन के अधिकारी और माननीय विधायक भी आते-जाते रहते हैं। कई बार शिकायत की गई, फोटो भी दिखाई गई, लेकिन कई साल से सड़क की मरम्मत नहीं हुई। यहां पहले भी कई बार एक्सीडेंट हो चुका है, लोग मरते-मरते बचे हैं।
श्रावणी में बढ़ी चिंता
अभी श्रावणी मेला का समय है। हजारों शिवभक्त बाबा बैद्यनाथ धाम की यात्रा पर निकल रहे हैं। इस जर्जर सड़क से गुजरना उनके लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
उपराजधानी दुमका में विकास के दावे, जमीनी हकीकत पर सवाल
गिलान पाड़ा की जनता ने जिला प्रशासन और विभाग से मांग की है कि बरसात खत्म होने से पहले इस सड़क की स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि आम लोगों और श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।
सवाल यही है – जब उपराजधानी की मुख्य सड़कों का ये हाल है, तो विकास कहां है

