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“बड़ा होकर भीख मांगना चाहता हूं, मम्मी-पापा को खिलाना चाहता हूं” : रेस्क्यू बच्चों की पीड़ा

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Arjun Kumar Pramanik…….✍️

रांची : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के सचिव द्वारा आज प्रेमाश्रय, बालाश्रय एवं सहयोग विलेज आश्रय गृह का निरीक्षण किया गया। इस दौरान रेस्क्यू किए गए बच्चों से मुलाकात कर उनका काउंसलिंग किया गया। निरीक्षण दल में डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा सहित पीएलवी साहिष्ता प्रवीण, संगीता देवी, पिंकू कुमारी, बरखा तिर्की एवं राजा वर्मा शामिल थे। डालसा टीम सबसे पहले प्रेमाश्रय पहुंची, जहां रेस्क्यू किए गए 13 बच्चों से बातचीत की गई। बच्चों ने बताया कि उन्हें खाने-पीने और रहने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वे अपने माता-पिता के पास घर जाना चाहते हैं और यहां उनका मन नहीं लग रहा है। इसके बाद टीम सहयोग विलेज आश्रय गृह पहुंची, जहां रेस्क्यू किए गए तीन बच्चों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना गया। काउंसलिंग के दौरान जब बच्चों से पूछा गया कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं, तो बच्चों ने भावुक स्वर में कहा कि वे बड़ा होकर भीख मांगना चाहते हैं ताकि अपने मम्मी-पापा को खिला सकें। बच्चों ने यह भी कहा कि उन्हें भीख मांगना अच्छा लगता है। तीनों आश्रय गृहों के निरीक्षण के उपरांत डालसा सचिव टीम के साथ बालाश्रय पहुंचे, जहां रेस्क्यू किए गए 21 बच्चों से मिलकर काउंसलिंग की गई। इस दौरान बच्चों को दी जा रही भोजन, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली गई। डालसा सचिव ने आश्रय गृह के प्रभारी को निर्देश दिया कि जब तक बच्चे वहां रहेंगे, तब तक उनकी उचित शिक्षा, मानसिक काउंसलिंग एवं समुचित देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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