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काठीकुंड : मुस्लिम भाइयों ने अदा की अलविदा जुम्मे की नमाज़…

झंटु पाल… ✍️

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इस्लाम के मुकद्दस महीने रमजान के अंतिम शुक्रवार यानी अलविदा जुम्मे की नमाज को अदा की गई ।‌ दुमका जिले के विभिन्न मस्जिदों में अदा की गई अलविदा की नमाज़।

वही काठीकुंड के कालाझर जामा मस्जिद में भी बड़ी तादाद में मुस्लिम भाइयों ने अलविदा की नमाज अदा की। माह-ए-रमजान के आखिरी शुक्रवार को अलविदा जुम्मा या जुमातुल विदा भी कहा जाता है। इस दिन रोजेदार मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं। वैसे तो इस्लाम में शुक्रवार के दिन को बहुत ही पाक और मुक़द्दस माना जाता है। लेकिन रमजान महीने में पड़ने वाले जुमा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है।

मस्जिद के इमाम हाफिज अब्दुर रहमान ने बताया कि, रमजान तीसरे और आखिरी अशरे में की गई इबादत रोजेदारों को दोजख की आग से बचाता है । इस अशरे में जो भी आखिरी जुम्मा आता हैं उससे अलविदा जुम्मा कहते हे।

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