
मुसाबनी : मुसाबनी कंपनी तालाब छठ पूजा कमेटी का गठन पुरा हुआ
रिपोर्ट : सुनिल कुमार साव
अगामी महा छठ पूजा के मद्देनजर मुसाबनी के कंपनी तालाब में कमेटी की सदस्यों की एक बैठक कमेटी की संस्थापक गणेश प्रसाद के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
मुसाबनी कंपनी तालाब के हुई इस बैठक में बैठक में सर्वसम्मति से नई कमेटी के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का चयन किया गया। इसमें संजीव तिवारी उर्फ सत्या को अध्यक्ष तथा मुरारी प्रसाद सिंह को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। कमेटी के गठन का उद्देश्य कंपनी तालाब में छठ महापर्व का आयोजन व्यवस्थित ढंग से करना तथा श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास करना है।
कमेटी की सूची इस प्रकार है :-
संस्थापक :- गणेश प्रसाद।
मुख्य संरक्षक :- सांसद विद्युत वरण महतो, पूर्व सांसद डॉ. प्रदीप कुमार बालमुचू, विधायक सोमेश सोरेन, पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, 193 बटालियन के कमांडेंट ओमजी शुक्ला, डीएसपी रोहित रजवार, बीडीओ अदीति गुप्ता, अंचल अधिकारी पवन कुमार, बाबूलाल सोरेन, सम्राट अशोक अग्रवाल, राम अवतार अग्रवाल, अशोक गुप्ता एवं पीतर चंद्र अग्रवाल।
संरक्षक :- दिनेश साहू, प्रधान सोरेन, कान्हु सामंत, कमल मंडल, दीपक नाग, शमशेर खान (मुसाबनी), शत्रुघ्न प्रसाद, शमशेर खान (सुरदा), राणा सिंह, नसीम बख्श, जुबेर सिद्दीकी, तुषार कांत पातर, महावीर प्रसाद, राजू सरदार एवं संजय शाह।
अध्यक्ष :- संजीव तिवारी उर्फ सत्या।
उपाध्यक्ष :- लक्ष्मण चंद्र बाग, जयंत घोष, विक्की गोयल, चौधरी उमेश सिंह, ऋषि देव प्रसाद, बबन सिंह यादव, चंद्र प्रकाश शर्मा, सुनील कुमार साव,सनत चौधरी, साकेत अग्रवाल, रमेश कुमार चौधरी, किशोर साव, किशोर सिन्हा, धर्मेंद्र सिंह उर्फ पिन्दे, आकाश कुशवाहा, मृगेंद्र उर्फ मुखी एवं नवीन अग्रवाल।
महासचिव :- मुरारी प्रसाद सिंह।
सचिव :- जगदीश प्रसाद, विमल सेनापति, अली शेर खान, मानस दास, बादल लामा, जलधर प्रधान, अजय शर्मा, मंटू पांडे, शांति सरकार, वापी सतपति, रवि शर्मा, नीरज शर्मा एवं देबू पांडा।
कोषाध्यक्ष :- राम आशीष सिंह एवं मृत्युंजय सिन्हा।
कार्यकारिणी सदस्य :- उत्पल राय, श्यामल महतो, अरुण राय, प्रकाश दास, नीलू सिंह, मुन्ना मुखी, रवि नायर, सुनील पातर, किशोर वर्धन, राहुल चटर्जी, कालू महाली, पंकज बारिक, एरिक राज, योगो हांसदा, मुकरी, बलराम प्रधान, राजकिशोर बारिक, उज्जवल डे, बृजेश सिंह, सुरेश पोद्दार, केदार पांडे एवं सगाई राज आदि को रखा गया है.
