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भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए निवारक सतर्कता जरूरी, एसपी मनोज स्वर्गियारी ने नैतिक आचरण पर दिया जोर

 

 

 

रिर्पोटर : जगबंधु महतो

 

 

 

शिकायतों के निपटारे से लेकर डिजिटल पारदर्शिता और ई-टेंडरिंग तक संस्थान की पहल को किया गया रेखांकित

 

 

 

आदित्यपुर : सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही को संस्थागत कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 मनाया जा रहा है। 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई है। कार्यक्रम के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सत्यनिष्ठा की शपथ के साथ हुआ। इस दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके योगदान को भी याद किया गया। कार्यक्रम में सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार मुख्य संरक्षक तथा शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. एमके सिन्हा कार्यक्रम के अध्यक्ष रहे।

 

अपने संबोधन में एसपी मनोज स्वर्गियारी ने कहा कि भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए निवारक सतर्कता, ईमानदारी और जिम्मेदार आचरण जरूरी हैं। उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने तथा नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

 

इस अवसर पर संस्थान ने शिकायत निवारण, कर्मचारियों के प्रशिक्षण, डिजिटल व्यवस्था और अनुबंध प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की जानकारी दी। संस्थान के अनुसार, सीवीसी पोर्टल पर प्राप्त एक शिकायत का निपटारा किया जा चुका है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राप्त आरटीआई के सभी 119 मामलों का भी निपटारा किया गया।

 

वेबसाइट के तृतीय-पक्ष पारदर्शिता ऑडिट में संस्थान को 875 में से 773 अंक मिले। इसके अलावा, ई-भुगतान और ई-टेंडरिंग के माध्यम से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के जरिए संस्थान ने जवाबदेह प्रशासन और नैतिक कार्यसंस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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