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हिमांशु सिंह हत्याकांड पर सियासी संग्राम तेज, रघुवर दास का 24 घंटे का अल्टीमेटम; गिरफ्तारी नहीं हुई तो 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद

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रिर्पोटर – जगबंधु महतो

48 घंटे बाद झुका प्रशासन, लिखित आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार को तैयार हुए परिजन; नौकरी, कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल का भरोसा

आदित्यपुर : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार में करणी सेना युवा मोर्चा के सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के बाद पूरे कोल्हान में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्म हो गया है। हत्याकांड को लेकर जहां विपक्ष ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला बोला है, वहीं करीब 48 घंटे तक चले गतिरोध के बाद प्रशासन के लिखित आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए।

बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद कर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने इस घटना को झारखंड की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का गंभीर उदाहरण बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में हत्या होना और अपराधियों का फरार हो जाना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

रघुवर दास ने मांग की कि घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी हत्या का मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि लापरवाही या मिलीभगत साबित होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मृतक के आश्रित को स्थायी सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।

इधर, अंतिम संस्कार को लेकर जारी गतिरोध प्रशासन और परिजनों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद समाप्त हुआ। कोल्हान डीआईजी, सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासन ने लिखित आश्वासन दिया कि दोषी पुलिसकर्मियों पर विधिसम्मत कार्रवाई, आश्रित को सरकारी नौकरी के लिए अनुशंसा, फरार आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा स्पीडी ट्रायल के माध्यम से आरोपियों को सजा दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो गए।

हालांकि हत्याकांड को लेकर जनाक्रोश अभी भी कायम है। पुलिस लगातार फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है, जबकि अब पूरे मामले में प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन और आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।

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