Advertisements
Spread the love

संदर्भ : बिहार –
“दलित वोट साधने और हासिल करने आये राहुल का शो हुआ फ्लाप”

संजय कुमार विनीत,
वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक

Advertisements

बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। अपनी खोयी जमीन तलाशने और दलित वोट को साधने नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी 20 दिनों के अंदर लगातार दूसरी बार बिहार दौरे पर पटना आयें। मौका था महान चर्चित दलित नेता, स्वतंत्रता संग्रामी, आजादी के बाद प्रथम सरकार में केबिनेट मंत्री रहे स्व जगलाल चौधरी की 130 वीं जयंती का। लेकिन कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान लगातार कयी बार स्व चौधरी का नाम तक सही सही नहीं ले पाये और लोगों की बहुत ही कम उपस्थिति से काग्रेस की भद्द पिट गयी और भाजपा और जदयू को निशाना साधने का अवसर दे गये।

स्व जगलाल चौधरी बिहार के चर्चित स्वतंत्रता सेनानी थे। वह पासी समाज से आते थे। दलित तबके से आने के बावजूद वह बापू और अंबेडकर के सिद्धांतों पर चले और बिहार में आजादी के बाद बनने वाली कांग्रेस की पहली सरकार के अंदर कैबिनेट मंत्री भी बने। छुआछूत को लेकर उन्होंने उस दौर में सत्याग्रह आंदोलन तक खड़ा किया था और बिहार में पहली दफा आजादी के बाद शराबबंदी लागू करने का श्रेय भी स्व जगलाल चौधरी को ही जाता है। इनके इन महान क्रांतिकारी योगदानों के लिए प्रदेश में उनके लिए एक अलग ही सम्मान है।

बिहार प्रदेश कांग्रेस को उनके सम्मान में 130 वीं जयंती समारोह पुर्वक मनाना था और नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित थे। प्रदेश कांग्रेस को राहुल गाँधी के नाम पर इस समारोह में लोगों की अच्छी खासी उपस्थिति की अनुमान थी और इसके लिए आयोजन स्थल श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में समुचित व्यवस्था भी की गयी थी ‌। पर हाल की कुर्सियां तो खाली रह ही गयी और हाल के बाहर लगे एलईडी स्क्रीन के सामने की तो सारी कुर्सियां खाली ही पडी रही। रही सही कसर खुद राहुल गाँधी ने पुरा कर दिया
वह जिस नेता की जयंती कार्यक्रम में आए थे, उसका ही सही नाम नहीं बोल पाए। राहुल गांधी ने जगत चौधरी को श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया‌‌।अपने भाषण में उन्होंने स्व. जगलाल चौधरी को तीन बार जगत चौधरी कहा। राहुल गांधी की इस गलती को तो दो बार लोगों ने सुन लिया, लेकिन जब वे तीसरी बार भी जगत चौधरी के योगदान की चर्चा करने लगे तो हॉल में मौजूद लोगों को चिल्ला कर बोलना पड़ा कि जगत चौधरी नहीं जगलाल चौधरी की जयंती है।

इस जयंती समारोह में स्व. जगलाल चौधरी के बेटे को भी अपमान झेलना पड़ा। दरअसल कांग्रेस पार्टी ने स्वर्गीय जगलाल चौधरी की जयंती समारोह का आयोजन तो किया लेकिन जगलाल चौधरी के बेटे को कार्यक्रम में बुलाने तक की जहमत नहीं उठाई। स्व. जगलाल चौधरी के बेटे भूदेव चौधरी अपने पिता की जयंती समारोह में शामिल होने के लिए खुद पहुंचे भी तो उन्हें राहुल गांधी से मिलने से रोक दिया गया और भूदेव चौधरी को मंच पर भी चढ़ने नहीं दिया गया।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक दिवसीय यात्रा पर पटना आए। 20 दिनों के अंदर यह दूसरा मौका था, जब राहुल गांधी पटना पहुंचे थे। वह स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी की जयंती समारोह पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने दलित वोट साधते हुए कहा कि भारत की सत्ता संरचना में, चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, कॉर्पोरेट, व्यवसाय, न्यायपालिका हो, आपकी भागीदारी कितनी है? दलितों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, लेकिन अगर सत्ता संरचना में भागीदारी नहीं है तो इसका कोई मतलब नहीं है।

पर, कम उपस्थिति,महान नेता का नाम गलत लेने और स्व जगलाल चौधरी के बेटे का अपमान से स्व. जगलाल चौधरी जयंती समारोह में कांग्रेस की भद्द पिट गई। इससे एक ओर जहाँ बिहार में कांग्रेस की जमीनी हकीकत भी सामने आई, वहीं विरोधियों को एक मुद्दा मिल गया। अब इस मामले को लेकर विरोधियों ने कांग्रेस और राहुल गांधी को घेर लिया है। बीजेपी और जेडीयू दोनों ने एक साथ राहुल गांधी पर निशाना साधा है। एनडीए के दोनों घटक आरोप लगा रहे हैं कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी कभी दलितों का सम्मान कर ही नहीं सकते। जिस तरह स्वर्गीय जगलाल चौधरी के बेटे को कार्यक्रम से दूर रखा गया वह बताता है कि कांग्रेस की मानसिकता क्या है और वह दलितों के नाम पर केवल राजनीति करती है‌‌।

You missed