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सरायकेला : अटल बिहारी वाजपेई के जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में अटल विरासत सम्मेलन आयोजन

रिपोर्टर – जगबंधु महतो

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अटल जी के नेतृत्व में विकास में कई आयाम बने, स्वर्णिम चतुर्भुज ने पूरे देश को जोड़ने का काम किया अर्जुन मुंडा

सरायकेला स्थित टाउन हाल में भारतीय जनता पार्टी के जिला कमेटी द्वारा भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्म शताब्दी समारोह के उपलक्ष्य में अटल विरासत सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अर्जुन मुंडा ने कहा कि अटल विरासत सम्मेलन के माध्यम से आज जिन्हें सम्मानित किया गया उन्हें सम्मानित करते हुए मैं ख़ुद को सम्मानित महसूस कर रहा हूँ। जब देश में इमरजेंसी लगा वैसे समय में भी अटल जी ने अपने नेतृत्व का परिचय दिया था। अटल जी के वक्त ही भारत के कूटनीतिक को नया आयाम मिला। भारत को दुनिया में मजबूत देश मानने को विवश हुये। अटल जी ने एक वोट से अपने सरकार को गिरवाना स्वीकार किया लेकिन सिद्धान्त से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने वादा किया था झारखंड अलग प्रांत बनेगा और उन्होंने अपने कहे को पूरा किया। उन्होंने आदिवासी समाज के खातिर एक अलग मंत्रालय का गठन किया।
श्री मुंडा ने कहा कि मुझे उस मंत्रालय में जब काम करने का अवसर मिला तब मुझे महसूस हुआ अटल जी आदिवासीयों के उत्थान के खातिर कितने गंभीर थे। अटल जी के नेतृत्व में विकास में कई आयाम बने, स्वर्णिम चतुर्भुज ने पूरे देश को जोड़ने का काम किया। मेरा सौभाग्य था कि जब अटल जी प्रधानमंत्री थे तब आप का यह भाई अर्जुन मुंडा राज्य का मुख्यमंत्री था। नये पीढ़ी को अटल जी के विचारों से जोड़ना हमारा दायित्व है। झारखंड राज्य अब 25 वर्ष का युवा हो चुका है। युवा झारखंड किस रूप में आगे बढ़े इसका हमें मूल्यांकन करना है। सत्ता हमारा मंजिल नहीं है बल्कि हमारा मंजिल है प्रदेशवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाना है।

जिलाध्यक्ष उदय सिंहदेव के द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। उन्होंने अपने संबोधन में पधारे हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए पार्टी द्वारा जन्म शताब्दी समारोह के माध्यम से अटल जी को श्रद्धांजलि देने के विचार पर प्रसन्नता जताई। अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि अटल जी शुचिता के राजनीति के प्रतीक थे। अटल जी ने राजनीति में सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। राष्ट्र को मजबूत बनाने की खातिर उन्होंने परमाणु प्रशिक्षण किया। उन्होंने दुनिया के धमकियों का कभी परवाह नहीं किया। अटल जी कर्मयोगी थे उन्होंने पूरा जीवन देश सेवा में लगा दिया। अटल जी के विचारों को आगे बढ़ा कर हम जनता से और ज़्यादा से ज़्यादा जुड़ सकते हैं। श्रीमती मीरा मुंडा ने अपने संबोधन में बताया कि मुझे याद है जब मेरा पुत्र जन्म लिया तो भाजपा के एक बड़े नेता के द्वारा कहा गया कि यह झारखंड राज्य लेने आया है। बाद में लोग उसे ‘झारखंड मुंडा’ ही पुकारने लगे। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि अर्जुन मुंडा को जनजातीय मंत्री बन कर सेवा करने का अवसर मिला। अपने संबोधन में पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने झारखंड राज्य के गठन के लिए अटल जी का आभार जताया और कहा कि हम सब की जिम्मेदारी है कि इसे प्रगति के रास्ते आगे ले जायें। अपने संबोधन में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बडकुवंर गागराई ने कहा कि अटल जी झारखंड के निर्माता थे। झारखंड उनके लिए हमेशा बहुत खास रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अमरप्रीत सिंह काले ने ऐसा भव्य कार्यक्रम करने के लिए जिला भाजपा को बधाई दिया। कार्यक्रम को भाजपा नेता रमेश हांसदा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के शुरुआत में ही राम मंदिर आंदोलन काल और जनसंघ के समय में साथ ही भाजपा के शुरुआती दौर में जिन्होंने पार्टी को सींचा, आगे बढ़ाया वैसे जिले के सभी 20 मंडलों से आए सम्मानित कार्यकर्ताओं को अतिथियों के द्वारा सम्मानित किया गया। मंच संचालन जिला के महामंत्री राकेश सिंह ने किया। तथा धन्यवाद ज्ञापन जिला उपाध्यक्ष सह कार्यक्रम के संयोजक राकेश मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में पूर्व जिलाध्यक्ष बिजय महतो, पूर्व विधायक अनंत राम टुडू, जटा शंकर पांडेय, सोनाराम बोदरा, शैलेंद्र सिंह, सुनील श्रीवास्तव, कर्नल आर पी सिंह, ऊषा पांडे, हरिकृष्णा प्रधान, सूर्या देवी, शंभू मंडल, बद्री दारोग़ा मंचासीन रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम के सह संयोजक अभिषेक आचार्य, कविता दास, मनोज तिवारी, मनोज महतो, प्रशांत महतो, दिवाकर सिंह, सोहन सिंह, बीजू दत्ता, राजकुमार सिंह, सुमित चौधरी, लिपु मोहंती, बड़बाबू सिंहदेव, पिंकी मोदक, डॉली सिंहदेव सहित अनेक कार्यकर्ता और सभी मंडलों के अध्यक्ष उपस्थित थें ।

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