Spread the love

‘उली बगइचा परब’ बना किसानों की उम्मीदों का मंच, प्राकृतिक आमों को मिला बाजार और पहचान

Advertisements
Advertisements

 

रिपोर्टर : जगबंधु महतो

 

आदित्यपुर : किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और बाजार से सीधे जोड़ने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आदित्यपुर में आयोजित ‘उली बगइचा परब’ (आम महोत्सव) आकर्षण का केंद्र बना। कार्यक्रम में सिंहभूम सांसद जोबा मांझी और सरायकेला की डीडीसी रीना हंसदा ने भाग लेकर किसानों का उत्साहवर्धन किया।
सांसद जोबा मांझी ने कहा कि इस तरह के आयोजन किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने जिला प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रदर्शनी और बिक्री केंद्रों के माध्यम से आम उत्पादक किसानों को अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि अन्य किसान भी बागवानी और कृषि आधारित आजीविका की ओर प्रेरित होंगे।
डीडीसी रीना हंसदा ने बताया कि मनरेगा के तहत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से जिले में आम बागवानी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में लगभग 6,000 किसान इस योजना से जुड़े हैं और आम्रपाली, मालदा तथा मल्लिका जैसी उन्नत किस्मों के आम का उत्पादन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य किसानों को सीधे ग्राहकों और व्यापारियों से जोड़ना है। किसानों द्वारा उत्पादित आम प्राकृतिक तरीके से तैयार किए गए हैं, जिनमें रसायनों और कार्बाइड का न्यूनतम उपयोग हुआ है। जिला प्रशासन किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक हर स्तर पर सहयोग देकर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।