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45 वर्षीय व्यक्ति से तय हुई थी शादी, टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

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Arjun Kumar…..✍️

रांची । रांची में एक बार फिर बाल विवाह का गंभीर
मामला सामने आया है, जहां 13 साल की एक मासूम बच्ची को जबरन शादी के बंधन में बांधने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन समय रहते जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची की सक्रियता से बच्ची को सुरक्षित बचा लिया गया। जानकारी के अनुसार, पिठोरिया निवासी इस नाबालिग लड़की के माता-पिता ने गरीबी और पालन-पोषण में असमर्थता के कारण उसकी शादी उत्तर प्रदेश के 45 वर्षीय व्यक्ति से तय कर दी थी। 31 मार्च को शादी की तारीख भी तय कर दी गई थी। इसी बीच, डरी-सहमी बच्ची घर से भागकर बुंडू पहुंच गई। वहां मौजूद पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) की नजर उस पर पड़ी, जिन्होंने तुरंत इसकी सूचना डालसा सचिव को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय के निर्देश पर तत्काल एक टीम का गठन किया गया। टीम ने बुंडू पहुंचकर बच्ची से बातचीत की और पूरी घटना की जानकारी ली। इसके बाद बुंडू महिला थाना पुलिस और डालसा टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए बच्ची को रेस्क्यू किया। चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से उसे रांची स्थित “प्रेमाश्रय” में सुरक्षित रखा गया है। बच्ची ने बताया कि वह आगे पढ़ाई करना चाहती है और सिलाई सीखकर आत्मनिर्भर बनना चाहती है। इसके लिए जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) से समन्वय कर प्रशिक्षण और आवासीय विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह शादी गोला निवासी लुतेश कुमार महतो द्वारा तय कराई गई थी। डालसा सचिव ने बुंडू महिला थाना प्रभारी को इस मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला एक बार फिर समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी कुप्रथा को उजागर करता है। हालांकि, प्रशासन की तत्परता से एक मासूम का भविष्य अंधकार में जाने से बच गया

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