
विक्षिप्त नाबालिग की कोख में सवाल, पहचान तक नहीं…
डालसा रांची के सामने आई दो दर्दनाक कहानियाँ

Arjun Kumar Pramanik…..✍️
राँची । जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के समक्ष 10 मार्च 2026 को दो अत्यंत दर्दनाक मामले सामने आए। पहला मामला 15 वर्षीय विक्षिप्त नाबालिग बच्ची का है, जो लगभग आठ माह की गर्भवती है और मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण अपने बारे में कोई जानकारी देने में भी असमर्थ है । मामले की गंभीरता को देखते हुए डालसा, रांची द्वारा तत्काल दो टीमों का गठन किया गया। नाबालिग बच्ची को इलाज के लिए रिनपास, रांची में भर्ती कराया गया तथा उसके रहने की व्यवस्था भी की गई। इस संबंध में सीडीपीओ वेद प्रकाश तिवारी से बातचीत और पत्राचार कर बच्ची को एमओसी धनबाद में आवासित करने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि रांची में इस प्रकार के मामलों के लिए कोई उपयुक्त आवासीय संस्था उपलब्ध नहीं है। बच्ची का आगे का इलाज डालसा, रांची की निगरानी में कराया जाएगा । दूसरा मामला रांची रेलवे स्टेशन के समीप से मिला एक 35 वर्षीय विक्षिप्त महिला का है, जो अचेत अवस्था में पाई गई। महिला स्वयं को ओडिशा की रहने वाली बता रही है और वह लगभग नौ माह की गर्भवती है। महिला को पहले रिम्स, रांची में प्रारंभिक जांच के लिए ले जाया गया। इसके बाद रिनपास के निदेशक से समन्वय स्थापित कर उसे इलाज के लिए रिनपास, रांची में भर्ती कराया गया । इस पूरी कार्रवाई में डालसा, रांची की टीम सक्रिय रही, जिसमें सचिव राकेश रौशन, डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा, पीएलवी भारती शाहदेव और पिंकू कुमारी शामिल थे।

