
चाकुलिया: बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर धूमधाम से मनाया जाएगा पहाड़ पूजा, 4 जुलाई कान्हाईश्वर पहाड़ पर जुटेंगे तीन राज्यों के श्रद्धालु

संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया प्रखंड में बारिश और खुशहाली की कामना को लेकर हर साल होने वाली पहाड़ पूजा की सदियों पुरानी परंपरा इस बार भी पूरे धूमधाम से निभाई जाएगी. आषाढ़ महीने में आयोजित होने वाली यह पूजा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत की मिसाल भी है. 23 जून से शुरू होकर 14 जुलाई तक चलने वाले इस पर्व में हजारों श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल होते हैं. ज्ञात हो कि विधायक समीर मोहंती के प्रयास से वन विभाग द्वारा कन्हाईश्वर पहाड़ में श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ी का निर्माण किया गया है. इससे अब पहाड़ पूजा में आए श्रद्धालुओं को पहाड़ में चढ़ने के लिए असुविधा नहीं होगी.

23 जून: सातनाला से होगा शुरुआत
चाकुलिया की सोनाहातू पंचायत के आमाभुला गांव के पास सातनाला में 23 जून को सबसे पहले पहाड़ पूजा की जाएगी. यह पूजा वर्षों से 12 मौजा के ग्रामीणों द्वारा की जाती है. पुजारी कालीपद महतो और भुआ सबर परंपरागत तरीके से पूजा संपन्न कराएंगे. पूजा के साथ-साथ मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे.
28 जून: जामिरा पहाड़ पूजा
प्रखंड के बड्डीकानपुर गांव के पास जामिरा पहाड़ पूजा 28 जून को आयोजित की जाएगी. यह स्थल मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर है.
4 जुलाई: कान्हाईश्वर पहाड़ पर जुटेंगे तीन राज्यों के श्रद्धालु

आषाढ़ महीने के तीसरे शनिवार को कान्हाईश्वर पहाड़ पूजा होती है, जो इस बार 4 जुलाई को होगी. यह पूजा झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है. इस पहाड़ की चोटी पर एक झरना है, जो कभी सूखता नहीं और इसे चमत्कारी माना जाता है. यहाँ 12 मौजा के ग्रामीण पूजा में भाग लेंगे और विशाल मेला भी लगेगा.
7 जुलाई: गोटाशिला पहाड़ पूजा
माटियाबांधी पंचायत में गोटाशिला पहाड़ पर 7 जुलाई को पूजा होगी. यहां एक प्राचीन शिव मंदिर और झरना स्थित है, जो इस स्थान को धार्मिक रूप से पवित्र बनाता है. यह पूजा तीन राज्यों के लोगों की आस्था का प्रतीक है.
11 जुलाई: खोड़ीपहाड़ी पहाड़ पूजा
जुगीतुपा पंचायत के सोनाहारा गांव के पास स्थित खोड़ीपहाड़ी में 11 जुलाई को पूजा का आयोजन होगा. यहां भी 12 मौजा के ग्रामीण भाग लेते हैं.
14 जुलाई: घोटीडूबा में अंतिम पहाड़ पूजा
सोनाहातू पंचायत के घोटीडूबा टोला में 14 जुलाई को आखिरी पहाड़ पूजा होगी. यह पूजा पूरे इलाके में इस वर्ष की पहाड़ पूजा श्रृंखला का समापन मानी जाती है.
पहाड़ पूजा: संस्कृति, आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम
यह पर्व प्रकृति की पूजा, सामूहिकता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक है. इस दौरान श्रद्धालु पूजा करते हैं, साथ ही आदिवासी संस्कृति से जुड़े गीत, नृत्य और मेले का आनंद भी लेते हैं. यह परंपरा ग्रामीण जनजीवन को जोड़ती है और पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देती है.

