
, अभिजीत सेन।


पोटका के पोड़ा भालकी गांव में हाता माताजी आश्रम द्वारा रामकृष्ण कथामृत उत्सव का आयोजन । उमड़ी भक्तजनों का बड़ी संख्या में भीड़।

जमशेदपुर /पोटका
माताजी आश्रम हाता द्वारा आयोजित आठ द्विवसीय रामकृष्ण कथामृत उत्सव का पंचम दिन शनिवार 11 जुलाई को पोटका के पोड़ा भालकी गांव में भक्तजनों के द्वारा कथामृत उत्सव का आयोजन किया गया। उत्सव में उमड़ी हजारों संख्या में भक्तजनों का भीड़। शाम को ठाकुर जी की संध्या आरती के साथ अनुष्ठान शुरू हुई।आरती सुधांशु शेखर मिश्र ने की।उसके बाद कर्ण मण्डल ने उपस्थित सभी भक्तजनो को स्वागत किया जीसके पश्चात शंकर चंद्र गोप ने महेंद्र गुप्त की जीवनी पर प्रकाश डाला. सुनील कुमार दे ने भगवान रामकृष्ण देव की महिमा वर्णन करते हुए कहा,,राम और कृष्ण का सम्मिलित रूप का नाम है रामकृष्ण परमहंस।प्रभु रामकृष्ण ने दीन दुखी,पापी धार्मिक, पतित पतिता, गृही सन्यासी सबका भगवान थे। उन्होंने कहाजो उनके स्मरण में आते थे प्रभु उनको कृपा करते थे और अमृत की अधिकारी बना देते थे।उसके बाद बादल मामा ने रामकृष्ण कथामृत पाठ किया।उन्होंने कहा,,भगवान रामकृष्ण देव विवाद भंजन ठाकुर है।उन्होंने धर्म धर्म का विवाद ,ज्ञान भक्ति का विवाद,गृही संन्यासी का विवाद को मिटाया है।रामकृष्ण एक सागर है जिनके अंदर सारे देवी देवताओं और धर्म समाया हुआ है।जिन्होंने धर्म को बहुत ही सरल बना दिया है। उसके बाद भारती मण्डल ने मा सारदा देवी की जीवनी और स्वदेश मण्डल ने स्वामी विवेकानंद की वाणी पाठ किया । जीसके पश्चात भक्ति गीति प्रस्तुत की गई जिसमें पतित पावन दास, प्रवीर दास, तड़ित मंडल,भास्कर दे,कमल कांति घोष,सुनील कुमार दे,मुकुल मंडल और माताजी आश्रम के भक्त मोहिलाओ ने भाग लिया। हरिनाम संकीर्तन और हरिलुट के साथ अनुष्ठान का समापन हुआ।अंत मे धन्यवाद ज्ञापन मुकुल मण्डल ने किया।ईस दौरान बन्दना मंडल,तपन कुमार मंडल,भास्कर दे,सावित्री गोप,तपन मंडल,बलराम गोप,सुजाता मरल,रामकृष्ण सरदार मंडल,अर्जुन मोदी,शिशिर मण्डल, स्वपन मंडल,अशोक मंडल, ब्रह्म पद मण्डल, सुधीर सरदार,के अलावे विभिन्न गांव के भक्तगण काफी संख्या में उपस्थित थे।

