कुनाबेड़ा में शहीद निर्मल महतो को नमन, झामुमो नेता प्रो. कालीपद सोरेन बोले—अधूरे सपनों को पूरा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि


रिर्पोटर – जगबंधु महतो
शहीद निर्मल महतो की 39वीं पुण्यतिथि पर झामुमो नेता प्रो. कालीपद सोरेन का हुंकार—अधिकार, रोजगार और जल-जंगल-जमीन की लड़ाई रहेगी जारी
सरायकेला / गम्हरिया :झारखंड आंदोलन के महानायक शहीद निर्मल महतो की 39वीं पुण्यतिथि पर गम्हरिया प्रखंड के कुनाबेड़ा चौक पर श्रद्धा और संकल्प का माहौल देखने को मिला। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान उनके संघर्ष, विचारों और बलिदान को याद करते हुए झारखंड के हित में उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में झामुमो केंद्रीय सदस्य विशु हेम्ब्रम, बुद्धिजीवी मोर्चा के जिलाध्यक्ष दुर्गालाल मुर्मू, दिलीप महतो, सुबोल महतो, छुटू महतो, भक्तु मार्डी, सिंह सरदार, सुधीर मुर्मू, मुबारक हुसैन, सूरज सोरेन और राजाराम सरदार समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर झामुमो नेता प्रो. कालीपद सोरेन ने कहा कि शहीद निर्मल महतो का संघर्ष झारखंड की अस्मिता, पहचान, अधिकार और सम्मान से जुड़ा था। उन्होंने कहा कि निर्मल महतो ने अलग राज्य की लड़ाई के साथ-साथ आदिवासी-मूलवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया। उनका जीवन आज भी नई पीढ़ी को संघर्ष और सामाजिक जिम्मेदारी की प्रेरणा देता है।
प्रो. सोरेन ने कहा कि अलग झारखंड राज्य बनने के बावजूद शहीद निर्मल महतो के कई सपने अब भी अधूरे हैं। समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की पहुंच, युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार, आदिवासी-मूलवासी अधिकारों की सुरक्षा तथा जल, जंगल और जमीन की रक्षा आज भी महत्वपूर्ण चुनौती है। उन्होंने कहा कि शहीद निर्मल महतो के सपनों का झारखंड बनाने के लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर जनहित में कार्य करना होगा। उनके विचारों को जीवन में उतारना और उनके संघर्ष को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

