Spread the love

आशीर्वाद योजना विफल, सड़क किनारे बेधड़क बिक रही हड़िया–दारू, प्रशासन की सख्ती भी नहीं रोक सकी कारोबार

Advertisements
Advertisements

संवाददाता :  मौसम गुप्ता 

दुमका । झारखंड सरकार की फूलो झानो आशीर्वाद योजना महिलाओं को शराब बिक्री से हटाकर वैकल्पिक रोजगार से जोड़ने के लिए शुरू हुई थी, लेकिन दुमका में इसका असर दिखाई नहीं दे रहा। प्रशासन ने कई बार अभियान चलाकर समझाइश दी, शपथ दिलाई और आवेदन भी लिए, फिर भी सड़क किनारे हड़िया व देसी दारू खुलेआम बेची जा रही है। सख्त कार्रवाई के बावजूद महिलाएं नए स्थान तलाश कर व्यापार कर रही हैं, जिसमें अब पुरुष भी शामिल हो गए हैं।

योजना का उद्देश्य आर्थिक स्थिति में सुधार लाना तथा परिवार पर सकारात्मक असर डालना था। जेएसपीएलएस के सहयोग से पहले गांधी मैदान के पास बिक्री करने वाली महिलाओं को समझाया गया। कुछ ने योजना अपनाई, आवेदन दिया और नया कार्य शुरू किया, लेकिन अधिकांश असंतुष्ट होकर पुराने कारोबार में लौट गईं। अब बस स्टैंड के पीछे, हवाई अड्डा मार्ग, महिला कॉलेज के निकट, लखीकुंडी पंचायत भवन के सामने, डंगालपाड़ा और एसपी कॉलेज मार्ग सहित कई जगह बिक्री जारी है।

रोजाना सुबह दर्जनों लोग शराब बेचते दिखाई देते हैं। अभियान अस्थायी साबित हुआ, रोज हटाए जाने के बाद भी अगली सुबह वही स्थिति बनी रहती है। अधिकारियों से संपर्क करने पर जवाब नहीं मिला, जिससे निगरानी में कमी स्पष्ट है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आय का अभाव, सामाजिक दबाव, प्रशासनिक ढीलापन तथा पर्याप्त सहयोग न मिलना प्रमुख कारण हैं। समाधान के तौर पर प्रशिक्षण, आर्थिक मदद, सामुदायिक सहभागिता, नशा मुक्ति परामर्श तथा डिजिटल निगरानी जरूरी है। सख्ती और पुनर्वास का संतुलित उपयोग ही समस्या के समाधान में मदद करेगा।

यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो योजना का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और महिलाओं की स्थिति पर नकारात्मक असर पड़ेगा। प्रशासन को अब केवल अभियान चलाने की जगह दीर्घकालिक रणनीति अपनानी होगी ताकि स्थायी आजीविका मिल सके और समाज में सकारात्मक बदलाव आए।