
चाकुलिया: शांति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मनाया गया भव्य गुरु पूर्णिमा उत्सव
संवाददाता: विश्वकर्मा सिंह
चाकुलिया नगर पंचायत क्षेत्र स्थित शांति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में भव्य गुरु पूर्णिमा उत्सव का आयोजित किया गया. यह कार्यक्रम विगत 10 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा के दिन मनाया जाना था, परंतु विद्यालय बंद रहने के कारण यह उत्सव शनिवार को विद्यालय में मनाई गई. विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलाकांत प्रमाणिक, विद्यालय के सचिव अमित भारतीय, अध्यक्ष प्रभात झुनझुनवाला, उपाध्यक्ष आलोक लोधा कोषाध्यक्ष दिनेश सिंह, सदस्य हार्दिक यादव ने सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस अवसर पर विद्यालय के भैया बहनों ने इस अवसर पर नृत्य, नाटक आदि के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किया. साथ ही विद्यालय के सभी आचार्य दीदी एवं सेवक, सेविकाओं के बीच विद्यालय प्रबंधन समिति के द्वारा विद्यालय वस्त्र प्रदान किया गया. विद्यालय के भैया बहनों ने सभी आचार्य दीदीजी के चरण धोकर तथा आरती उतारकर पूजन किया. इस दौरान अपने संबोधन में विद्यालय के अध्यक्ष ने सभी को गुरु पूर्णिमा की बधाई देते हुए कहा कि हम सभी के जीवन में गुरु का स्थान सबसे अहम माना जाता है. उनकी दी हुई शिक्षा से ही हम आगे बेहतर कार्य और अपनी प्रतिभाओं को लोगों के सामने प्रदर्शित कर पाते हैं. शास्त्रों में भी कहा गया है कि बिना गुरु के आप भगवान को भी पा नहीं सकते. सनातन धर्म में तो गुरु की महिमा का बखान अलग-अलग तरीकों से किया गया है. कोषाध्यक्ष दिनेश सिंह ने इस पावन पुनीत अवसर पर सभी को शुभकामना देते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा का समाज में विशेष महत्व है. गुरु सर्वत्र पूजित हैं. वे किसी खास दिन के लिए नहीं होते, जो हमारे मन मस्तिष्क पर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं वही गुरु हैं. माता पिता हमारे पहले गुरु हैं. विद्यालय में जो हमें शिक्षा प्रदान करते हैं या जीवन के किसी भी क्षेत्र में हम किसी से भी ज्ञान प्राप्त करते हैं तो वे हमारे लिए गुरु हैं. माता-पिता तथा गुरु का सम्मान हमेशा होना चाहिए. ये तीन व्यक्ति हमारे भविष्य को उज्जवल बनाने में अपना वर्तमान जला देते हैं. विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलाकांत प्रमाणिक ने भी वेदव्यास के जीवन पर प्रकाश डालते हुए अपने विचार व्यक्त किए. अपने शुभकामना संदेश में कहा कि आज का दिन गुरु और शिष्य का घनिष्ट संबंध को दर्शाता है. गुरुजी शिष्यों को अच्छे संस्कारों से संस्कारीत कर भविष्य में एक अच्छा नागरिक बनाने की दिशा में अपना कर्तव्य करते हैं.


इस मौके पर आचार्य मनोज महतो, अरुण महतो, हरिपद महतो, तापस बेरा, विकास महतो, सुजीत मैती, दिलीप महतो, लक्ष्मी सिंह, मनीषा महतो, सोनाली दास, वंदना दास, कल्पना महतो, नमिता राउत, पिंकी घोष, डोली कर, सावित्री महतो, सईदा फातिमा, सीमा पांडे आदि उपस्थित थे.

