
अपराधियों के हौसले बुलंद – बैंक मित्र से लूट, साथी पर हमला – थाना प्रभारी पर उठे गंभीर सवाल

चांडिल संवाददाता की रिपोर्ट
चांडिल । सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ थाना क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि वे बीच सड़क पर लूट की वारदात को अंजाम देकर बेखौफ भाग रहे हैं। सोमवार शाम रांगामाटी–मिलन चौक मार्ग पर तीन अज्ञात अपराधियों ने बैंक ऑफ इंडिया के बैंक मित्र फाल्गुनी गोप और उनके साथी दुर्गा सोरेन पर हमला कर तीन लाख रुपये लूट लिए। इस दौरान दुर्गा सोरेन गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस की लापरवाही,
अपराधियों के बढ़े हौसले
स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर ईचागढ़ थाना क्षेत्र में पुलिस का नामोनिशान है भी या नहीं? न गश्ती, न चौकसी और न ही सुरक्षा व्यवस्था नतीजा यह कि अपराधी आम लोगों पर आसानी से टूट पड़ते हैं।
थाना प्रभारी पर पुराने आरोप भी ताज़ा
यह पहला मामला नहीं है जब ईचागढ़ थाना प्रभारी पर सवाल उठे हों। कुछ दिन पहले ही एक साधारण व्यक्ति को नकली चौकीदार बनाकर वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात करने का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में नारायण गोराई की मौत ट्रक की चपेट में आने से हो गई थी। घटना ने पुलिस महकमे की पोल खोल दी, लेकिन कार्रवाई आज तक नहीं हुई।
अवैध बालू कारोबार में मिलीभगत का आरोप
थाना प्रभारी पर अवैध बालू खनन और परिवहन में संलिप्त होने के भी गंभीर आरोप हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रति ट्रिप आठ हजार रुपये वसूले जाने के बाद ही रात में सैकड़ों हाइवा ट्रक बालू ढोते हैं। शिकायतें बार-बार जिला स्तर तक पहुंचीं, रिपोर्टें मीडिया में आईं, लेकिन परिणाम शून्य रहा।
सवालों के घेरे में ईचागढ़ थाना प्रभारी
नकली चौकीदार प्रकरण हो या अवैध बालू कारोबार, हर बार आरोप सीधे थाना प्रभारी पर लगते हैं। बावजूद इसके उन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं होती? आखिर किसका वरदान प्राप्त है थाना प्रभारी को, जिसके चलते कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाने के बावजूद वे कुर्सी पर कायम हैं?
ईचागढ़ थाना प्रभारी से दूरभाष पर संपर्क करने से उन्होंने बताया कि जल्द से जल्द अपराधियों की पकड़ने की कोशिश की जा रही है,

