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ढुल्लु महतो का विपक्षी दलों पर हमला: कहा- विपक्षी दलों ने देश की आधी आबादी माताओं-बहनों और बेटियों के साथ किया विश्वासघात

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दुमका संवाददाता- मौसम गुप्ता

देश की महिलाएं अपने वोट की ताकत से इन अहंकारी और महिला-विरोधी दलों को राजनीति के हाशिये पर पहुंचा देंगी – ढुल्लु महतो बोले- यह समय विभाजन की राजनीति का नहीं, बल्कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए एकजुट होने का हैदुमका परिसदन में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए धनबाद लोकसभा सांसद ढुल्लू महतो ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा`| उन्होंने संसद में 16 और 17 अप्रैल को घटित घटनाक्रम पर विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके ने महत्वपूर्ण विधेयकों का विरोध कर देश की आधी आबादी माताओं-बहनों और बेटियों के साथ विश्वासघात किया है।

सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि यह केवल एक विधेयक का विरोध नहीं था, बल्कि यह देश की महिलाओं के अधिकारों और उनके सम्मान के खिलाफ विपक्ष की साजिश थी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्पष्ट कहा है कि नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक और स्वाभाविक अधिकार है। लेकिन विपक्ष ने अपने संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थ और तुष्टिकरण की राजनीति के चलते इस ऐतिहासिक अवसर को बाधित करने का काम किया।

उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा कि विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम और झूठ का पर्दाफाश हो चुका है। परिसीमन से किसी भी राज्य के साथ अन्याय नहीं होगा, बल्कि यह देश में संतुलित एवं समावेशी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा।श्री महतो ने कहा कि विपक्षी दलों ने संविधान (13वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा को बाधित कर लोकतंत्र का अपमान किया है। उन्होंने कहा कि संसद में इन दो दिनों के दौरान जो आचरण देखने को मिला, वह न केवल अलोकतांत्रिक था, बल्कि महिलाओं के प्रति उनकी नकारात्मक मानसिकता को भी उजागर करता है। उन्होंने कहा कि जब-जब महिलाओं को समान अधिकार देने की बात आती है, तब-तब ये दल तकनीकी बहाने, समितियों और अनावश्यक प्रक्रियाओं का सहारा लेकर मुद्दे को टालने का प्रयास करते हैं। दशकों तक महिलाओं को संसद और विधानसभाओं से दूर रखने की साजिश अब जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है।श्री ढुल्लू महतो ने कहा कि विपक्ष के कुछ दल धर्म आधारित आरक्षण की असंवैधानिक मांग उठाकर समाज को बांटने और प्रक्रिया को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने टीएमसी और डीएमके पर भी हमला बोलते हुए कहा कि ये दल अपने-अपने राज्यों में महिलाओं की आवाज दबाते हैं, लेकिन संसद में लोकतंत्र की दुहाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन का सीधा संबंध परिसीमन से है और इसमें देरी का मतलब महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित करना है। विपक्ष का यह रवैया स्पष्ट करता है कि उन्हें महिलाओं के सशक्तिकरण से ज्यादा अपनी राजनीतिक जमीन की चिंता है।श्री महतो ने कहा कि आज देश की महिलाएं जागरूक हैं, पंचायतों में नेतृत्व कर रही हैं और अब संसद एवं विधानसभाओं में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो दल इस ऐतिहासिक अवसर को टालने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को डर है कि यदि महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया तो उनकी वर्षों से चली आ रही राजनीतिक जमीन खिसक जाएगी। यही कारण है कि वे हर संभव तरीके से इस प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण, संतुलित प्रतिनिधित्व और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पार्टी यह स्पष्ट करती है कि महिलाओं के अधिकारों के लिए इस लड़ाई को हर स्तर पर मजबूती से लड़ा जाएगा और किसी भी महिला-विरोधी ताकत को सफल नहीं होने दिया जाएगा। अंत में ढुल्लू महतो ने कहा कि यह समय विभाजन की राजनीति का नहीं, बल्कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए एकजुट होने का है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में देश की महिलाएं अपने वोट की ताकत से इन अहंकारी और महिला-विरोधी दलों को राजनीति के हाशिये पर पहुंचा देंगी। प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश मंडल, जिला महामंत्री मृणाल मिश्रा, निवर्तमान जिलाध्यक्ष गौरवकांत मौजूद रहें।