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चतरा पंचायत में ग्राम प्रधान चयन को लेकर विवाद, पक्ष-विपक्ष आमने-सामने

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Arjun Kumar….✍️

अनगड़ा(राँची)  । झारखंड राज्य पंचायती राज विभाग की अधिसूचना, पेसा अधिनियम 1996 एवं झारखंड पेसा नियमावली 2025 के तहत चतरा पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभा के बाद ग्राम प्रधान चयन को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। ग्राम सभा में शशिकांत पाहान को नया ग्राम सभा अध्यक्ष/ग्राम प्रधान चुने जाने का दावा किया गया, वहीं वर्तमान ग्राम प्रधान क्रिस्टो कुजुर ने इस प्रक्रिया को असंवैधानिक बताया है। विशेष ग्राम सभा की अध्यक्षता चतरा पंचायत मुखिया डोली कुमारी ने की, जबकि कार्यक्रम का नेतृत्व पूर्व मुखिया सोहन मुंडा ने किया। प्रस्तावक संजय महली एवं समर्थक सुमित कुमार महतो रहे।

पूर्व मुखिया सोहन मुंडा का आरोप

पूर्व मुखिया सोहन मुंडा ने वर्तमान ग्राम प्रधान क्रिस्टो कुजुर पर आरोप लगाते हुए कहा कि पेसा कानून आदिवासी परंपरा, रीति-रिवाज और ग्राम स्वशासन व्यवस्था को संरक्षित करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उनका कहना है कि ग्राम प्रधान को सामाजिक दायित्वों का निर्वहन पारंपरिक व्यवस्था के अनुरूप करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान ग्राम प्रधान गांव के सभी लोगों के प्रति समान व्यवहार नहीं करते तथा ग्राम सभा से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता की कमी है। क्रिस्टो कुजुर क्रिश्चन धर्म बको मानते हैं वे रूढ़िवादी परम्परा को नहीं मानते हैं इसलिए ग्राम प्रधान के लिए फिट नहीं बैठते हैं ।

क्रिस्टो कुजुर ने आरोपों को बताया निराधार

वर्तमान ग्राम प्रधान क्रिस्टो कुजुर ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके ग्राम प्रधान रहते हुए दूसरी बैठक कर किसी अन्य व्यक्ति का चयन करना पूरी तरह नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि पेसा कानून आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और स्थानीय स्वशासन की रक्षा के लिए बना है और उरांव समाज सदियों से अपनी रूढ़िवादी परंपराओं का पालन करता आया है।
क्रिस्टो कुजुर ने कहा कि वे अपने सामाजिक दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करते रहे हैं और गांव के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए उन पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि हल्का क्षेत्र के लोगों को पता है कि उन्होंने ग्राम सभा और ग्रामीण हितों के लिए लगातार कार्य किया है। जरूरत पड़ने पर वे मानहानि का मामला भी दर्ज कराएंगे।

शुलोचना देवी और कौशल्या देवी ने किया समर्थन
पूर्व पंचायत समिति सदस्य शुलोचना देवी एवं वार्ड सदस्य कौशल्या देवी ने भी वर्तमान ग्राम प्रधान क्रिस्टो कुजुर के समर्थन में बयान दिया। दोनों ने कहा कि जब से क्रिस्टो कुजुर ग्राम प्रधान बने हैं, तब से वे ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव और हल्का क्षेत्र के लोगों की सेवा में वे हमेशा सक्रिय रहते हैं तथा सामाजिक और पारंपरिक दायित्वों को गंभीरता से निभाते हैं।
दोनों जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पेसा कानून का मूल उद्देश्य ग्राम सभा को मजबूत करना और स्थानीय परंपराओं की रक्षा करना है, इसलिए किसी भी विवाद का समाधान सामाजिक सहमति और कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए।

मामला बना चर्चा का विषय

चतरा पंचायत में ग्राम प्रधान चयन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब गांव के साथ-साथ क्षेत्रीय राजनीति और सामाजिक व्यवस्था में भी चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है।