
गम्हरिया में बालू माफियाओं का बोलबाला: पुलिस के सामने अवैध ट्रैक्टर गुजरा, कोई कार्रवाई नहीं

स्थानीयों ने पुलिस-माफिया गठजोड़ का लगाया गंभीर आरोप, जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
गम्हरिया (सरायकेला-खरसावां) । गम्हरिया थाना क्षेत्र में पुलिस की निष्क्रियता और बालू माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस ने एक बार फिर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। बीते दिन सालडीह मोड़ स्थित गोप होटल में हुई चोरी की जांच के दौरान जब पुलिस टीम मौके पर मौजूद थी, उसी समय एक अवैध रूप से बालू लदा बिना नंबर प्लेट का ट्रैक्टर उनके सामने से बेधड़क गुजर गया। हैरानी की बात यह रही कि घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
स्थानीय निवासियों ने इसे पुलिस और बालू माफियाओं की मिलीभगत का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया है। उनका कहना है कि बिना “ऊपरी संरक्षण” के इस प्रकार का खुलेआम अवैध खनन और परिवहन संभव नहीं है। एक स्थान पर बालू माफिया खुलेआम कहते सुने गए — “जब ऊपर तक हफ्ता जाता है, तो फिर नीचे वालों से डर किस बात का?”
सूत्रों के अनुसार, कांड्रा थाना क्षेत्र के बुरूडीह घाट और गम्हरिया थाना क्षेत्र के तेतुलडांगा घाट से प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर अवैध रूप से बालू लादकर गम्हरिया शहर के विभिन्न हिस्सों में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। इसके बावजूद गम्हरिया थाना और स्थानीय माइनिंग विभाग की ओर से न तो धरपकड़ की जा रही है और न ही जांच।
पूर्व उपायुक्त रविशंकर शुक्ला द्वारा जारी एक स्पष्ट निर्देश के अनुसार — अवैध खनन और परिवहन को रोकने की जिम्मेदारी केवल खनन विभाग की नहीं, बल्कि संबंधित अंचल कार्यालयों और थाना प्रशासन की भी है। बावजूद इसके, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) द्वारा 15 जून से 15 अक्टूबर तक लगाए गए प्रतिबंध का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। पुलिस की मौजूदगी में बिना नंबर प्लेट का अवैध ट्रैक्टर बेधड़क निकला।क्षेत्र के घाटों से रोजाना हो रहा अवैध बालू खनन। NGT आदेश की धज्जियां उड़ रही हैं। थाना और खनन विभाग दोनों मौन। जनता में आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि गम्हरिया थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए और थाना स्तर पर कथित भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच की जाए। आम जनता का विश्वास बहाल करने के लिए कड़े कदम उठाना अब अनिवार्य हो गया है।

