
MGM के बदहाली का नमुना, मरीज अपने साथा लाया बेड,
कई मरिज को भी मिली राहत…….
जमशेदुर (सुदेश कुमार) वर्तमान सरकार की हर दाबे बेकार देखने को मिल रहा है । जहां स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता का गृह जिला है । उनके द्वारा एमजीएम के विधिव्यवस्था और ईलाज में सुधार के कई वादे और दावे किये है पर इन वर्षों के दौरान सुधार नही हो सका है । लोगों को का ईलाज आज भी जमीन पर करना पड़ रहा है । लोग आखिर दोषी कौन है आज जनता आपना किमत बहुमुल्य मत को राज्य के नेताओं को दान में दे चुके है ।

दरसल बुघवार को डिमना निवासी श्वेता शर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ी और जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल लाया गया ।। जहां उनीि बेटी को अस्पताल में बेड नहीं मिला । वही श्वेता बाजार से फोल्डिंग खरीद कर लाई. इसी फोल्डिंग पर बैठकर अपनी बेटी को ईलाज करवाना पड़ा । ईश्वर की कृपा से बर्टी की हालात में सुधार होने से खुश है । दलसल श्वेता के पेट में दर्द था. परिजन उसे लेकर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल पहुंचे तो वहां बेड नहीं था. जमीन पर ही मरीज अपना इलाज करा रहे थे. डॉक्टर ने उसे जमीन पर लेट कर इलाज करवाने को कहा. इसके बाद श्वेता और उसके परिजन बाहर से खरीद कर फोल्डिंग लाए. इस पर श्वेता का इलाज हुआ. गौरतलब है कि कोल्हान के सबसे बड़े अस्पताल एमजीएम की हालत खस्ता है. यहां बेड की काफी कमी है. स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता जमशेदपुर पश्चिम से ही विधायक हैं. इसके बावजूद एमजीएम अस्पताल की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है.
एमजीएम अस्पताल में भयंकर अव्यवस्था है. डॉक्टर मरीजों से सीधे मुंह बात नहीं करते. अस्पताल में मरीजों को दवा नहीं मिलती. अस्पताल में सिर्फ मरहम पट्टी का ही काम होता है. इसीलिए गंभीर हालत में आए मरीजों को फौरन यहां से टीएमएच या रिम्स रेफर कर दिया जाता है. जिनके पास पैसा होता है वह टीएमएच पहुंच जाते हैं और जो गरीब होते हैं वह एमजीएम अस्पताल में ही तड़प कर दम तोड़ देता हैं. देखना है कि मौसम बदलने के साथ भविष्य में एमजीएम जमशेदपुर में सुधार होती है या खुद बीमार होकर बीमारों का ईलाज करते रहेगी ।
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