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कनीय वैज्ञानिक एवं पौधा संरक्षण पदाधिकारी ने किया क्षेत्र भ्रमण

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संवाददाता  :  मौसम गुप्ता

दुमका । मंगलवार को तिलका मांझी कृषि महाविद्यालय, गोड्डा के सहायक प्राध्यापक सह कनीय वैज्ञानिक (कीट विज्ञान) एवं दुमका के कनीय पौधा संरक्षण पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से क्षेत्र भ्रमण किया। इस दौरान रानीश्वर और मसलिया प्रखंड के खेतों में खरीफ फसलों पर लगने वाले कीट एवं रोगों की स्थिति का निरीक्षण किया गया।विशेषज्ञों ने धान की फसल में BPH, बकया कीट, पैडी स्टेम बोरर, पैडी हिस्पा, शीथ रॉट, पैडी ब्लास्ट और फॉल्स स्मट बीमारी के प्रकोप की पहचान की। किसानों को पौधा संरक्षण केंद्र पर उपलब्ध रसायनों के बारे में जानकारी दी गई और उनके समुचित उपयोग की सलाह भी दी गई।किसानों ने बताया कि पौधा संरक्षण केंद्र, मसलिया से प्राप्त कीटनाशक दवाओं के प्रयोग से कीट नियंत्रण में उन्हें सफलता मिली है। इससे धान की फसल स्वस्थ और बेहतर स्थिति में दिखाई दे रही है।क्षेत्र भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों को समय-समय पर पौधों की निगरानी करने और दिए गए सुझावों का पालन करने की भी अपील की।

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