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माताजी आश्रम परिसर में कथामृत उत्सव का आयोजन।

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जमशेदपुर /पोटका अभिजीत सेन।

 

माताजी आश्रम हाता द्वारा आयोजित आठ द्विवसीय रामकृष्ण कथामृत उत्सव का सप्तम दिन 13 जुलाई को माताजी आश्रम परिसर में नीलकमल पाल के द्वारा आयोजन किया गया। बही पंडित सुधांशु मिश्र के द्वारा ठाकुर,माँ और स्वामीजी की बिशेष पूजा और आरती की गई। जीसके पश्चात भक्ति संगीत कार्यक्रम आयोजिन हुआ, जिसमें पतित पावन दास, प्रवीर दास,बादल मामा, सुनील कुमार दे,,भास्कर दे, सीमा चटेर्जी, बलराम गोप, सुजाता मरल, देसाई मुर्मू, ग़दाधर दास, नीता बिस्वास,श्रीया पाल और माताजी आश्रम के भक्त महिलाओं ने भाग लिया। आश्रम के सुनील कुमार देमाताजी आश्रम हाता द्वारा आयोजित आठ द्विवसीय रामकृष्ण कथामृत उत्सव का सप्तम दिन 13 जुलाई को माताजी आश्रम परिसर में नीलकमल पाल के द्वारा आयोजन किया गया। बही पंडित सुधांशु मिश्र के द्वारा ठाकुर,माँ और स्वामीजी की बिशेष पूजा और आरती की गई। जीसके पश्चात भक्ति संगीत कार्यक्रम आयोजिन हुआ, जिसमें पतित पावन दास, प्रवीर दास,बादल मामा, सुनील कुमार दे,,भास्कर दे, सीमा चटेर्जी, बलराम गोप, सुजाता मरल, देसाई मुर्मू, ग़दाधर दास, नीता बिस्वास,श्रीया पाल और माताजी आश्रम के भक्त महिलाओं ने भाग लिया। आश्रम के सुनील कुमार दे ने उपस्थित भक्तजनों की स्वागत किया तथा महेंद्र गुप्त की जीवनी पर अलोक पात किया और कहा,,,,हमारे समाज में यह धारणा है की सारे प्रकार का धर्म कर्म तीर्थ पर्यटन और भगवान का नाम बुढ़ापा में करना है।लेकिन रामकृष्ण देव ने कहा है भगवान का नाम बचपन से ही करना है,क्यों की बचपन में पूरा मन अपने पास रहता है, शादी के बाद मन बट जाता है।इसके अलावे बुढ़ापा में हज़ार बीमारी आ जाती है इसलिए भगवान का भजन सम्भव नहीं है।इसलिए भगवान का नाम बचपन से करना चाहिए।भगवान का नाम लेने का कोई उम्र और समय नहीं है।उसके बाद शंकर चंद्र गोप भगवान रामकृष्ण की लीला गाथा सुनाया. उन्होंने कहा,,, भगवान रामकृष्ण हमें सत्य बोलने और सत्य के मार्ग पर चलने पर बल दिया है ।उसके बाद बादल मामा ने रामकृष्ण कथामृत पाठ किया।उन्होंने कहा,,भगवान रामकृष्ण जगत गुरु है।उन्होंने सभी प्रकार का अंधकार को दूर करने के लिए अवतरित हुए थे। उसके बाद मिताली पाल ने मा सारदा की जीवनी और हरेकृष्ण साहू ने स्वामी विवेकानंद जी की वाणी पाठ किया ।कार्यक्रम के अंत में
हरिनाम संकीर्तन और हरिलुट हुआ। अंत में नीलकमल पाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया.कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार दे ने किया।इस अबसर पर डाक्टर अरविंद कुमार लाल, सुदीप दे, दीपक पाल,बलराम गोप,सुधीर सरदार,मृणाल पाल, दुलाल मुखर्जी,बिमल मण्डल,तपन कुमार मंडल ,स्वपन मण्डल,काजल मंडल,तरुण मंडल,तरुण दे,सुजाता मरल,रामकृष्ण सरदार, सुधीर सरदार, मोनी पाल, ब्रह्म पद मरल, नारायण मण्डल, सिम्मी पालित,संजय साहू, भानु राणा,हरेकृष्ण साहू, मिताली पाल, रीना मण्डल, रीता मण्डल, कुंती मण्डल, भवानी घोष, चीनू माँ,नारायण चटेर्जी, अर्जुन मुदी, निताई महाकुड़, बकुल मिश्र, बन्दना मण्डल, बिरेन मण्डल, अमित मण्डल, सुबोध मण्डल,तपन कुमार मण्डल, कृष्ण मण्डल, मधुसूदन भट्टचार्ज, पुतुल मुखर्जी, सनातन महतो, हिरन महतो, सीमा प्रसाद के अलावे विभिन्न गांव के काफी संख्या में भक्त और महिलाएं उपस्थित रहे।

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