
लावारिश मानसिक रोगी की मदद में पीएलवी लता कुमारी का मानवीय प्रयास

✍️ Arjun Kumar Pramanik
राँची/नामकुम। नामकुम प्रखंड के अंबाटिया नगर से मिली सूचना पर पीएलवी (PLV) लता कुमारी ने एक लावारिश, निराश्रित युवक की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उप मुखिया ने जानकारी दी थी कि महुआ टोली के पास एक युवक दो दिन से बारिश में भीगते हुए घास में पड़ा है और कुछ बोल नहीं रहा। राहगीर केवल कभी-कभी उसे खाने को दे रहे थे।
सूचना मिलते ही पीएलवी लता कुमारी मौके पर पहुँचीं और तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) सिविल कोर्ट राँची के सचिव सह जज रवि कुमार भास्कर को जानकारी दी। जज साहब ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल सुरक्षा समिति (CWC) और बालासराय को निर्देश दिया। लेकिन जब युवक की उम्र 18 वर्ष से अधिक पाई गई, बालासराय ने रखने से इनकार कर दिया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जज साहब ने उप मुखिया को युवक को रातभर पंचायत भवन में रखने का आदेश दिया, लेकिन उप मुखिया ने इनकार कर दिया। बाद में आदेश आया कि युवक को बड़ाम न्याय सदन में रखा जाए। पीएलवी लता कुमारी ने शाम 7 बजे ऑटो रिजर्व कर युवक को न्याय सदन पहुँचाया, जहाँ पीएलवी युधिष्ठिर महतो ने देखरेख की।
अगले दिन फिर लता कुमारी न्याय सदन पहुँचीं और स्थायी इंतजाम की गुहार लगाई। जज साहब ने टाटीसिल्वे थाना प्रभारी को आदेश दिया। थाना गाड़ी के आने के बाद युवक को थाना लाया गया। इसी बीच डीएलएसए कार्यालय से पीएलवी प्रलाद उपाध्याय का कॉल आया कि युवक को रिनपास (मानसिक चिकित्सालय) में भर्ती कराना है।
भर्ती पत्र लता कुमारी के पास था। उन्होंने तुरंत कांटा टोली से खेलगाँव जाकर पुलिस वाहन पकड़ा और पीएलवी तारा मिंज के साथ रिनपास पहुँचीं। वहाँ पीएलवी भारती शहदेव की मदद से डॉक्टर को इमरजेंसी में बुलाकर युवक का मेडिकल परीक्षण कराया गया और जज साहब के आदेश पर उसे भर्ती कर दिया गया।
पीएलवी लता कुमारी ने कहा:
“जब मुझे सूचना मिली कि एक लावारिश बच्चा बारिश में भीगते हुए दो दिनों से घास में पड़ा है और कोई उसकी मदद नहीं कर रहा, तब मुझे लगा यह केवल मेरी ड्यूटी नहीं बल्कि इंसानियत का काम है। मैंने तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकार को जानकारी दी और जज साहब के निर्देश पर बच्चे को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने की पूरी कोशिश की। हमारी टीम ने मिलकर उसे रिनपास में भर्ती कराया। इस काम से मुझे संतोष मिला कि एक बेबस इंसान को सही जगह पहुँचाने में हम सफल हुए। ऐसे मामलों में समाज को भी संवेदनशील होकर मदद करनी चाहिए।”
इस पूरी प्रक्रिया में पीएलवी लता कुमारी, पीएलवी तारा मिंज, पीएलवी युधिष्ठिर महतो, पीएलवी प्रलाद उपाध्याय और पीएलवी भारती शहदेव ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मिशन को साकार किया।

