















नैनो पाउडर के संश्लेषण हेतु नवीन वेट मिलिंग मशीन प्रोटोटाइप के लिए ICAR-IIAB, रांची को डिज़ाइन पंजीकरण











Arjun Kumar…..✍️
नामकुम(राँची) । जैव प्रौद्योगिकी एवं नैनो प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय कृषि जैव प्रौद्योगिकी संस्थान (ICAR-IIAB), रांची को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा नैनो आकार की सामग्रियों को पाउडर के रूप में संश्लेषित करने के लिए विकसित नवीन ‘वेट मिलिंग उपकरण’ (Wet Milling Apparatus) के लिए डिज़ाइन पंजीकरण प्रदान किया गया है।
इस डिज़ाइन को डिज़ाइन संख्या 462517-001, 17 जून 2025 के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है, जो विकसित मशीन प्रोटोटाइप की नवीनता एवं अभिनव डिज़ाइन को मान्यता प्रदान करता है। यह पायलट-स्केल वेट मिलिंग प्रणाली ICAR-IIAB, रांची के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. बिप्लब सरकार के नेतृत्व में किए गए एक सहयोगात्मक अनुसंधान प्रयास का परिणाम है। इस परियोजना में भाकृअनुप – केंद्रीय जूट एवं संबद्ध रेशा अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीआरआईजैफ), कोलकाता तथा भाकृअनुप – राष्ट्रीय कृषि उच्चतर प्रसंस्करण संस्थान, राँची (आईसीएआर-नीसा) ने साझेदार संस्थानों के रूप में सहयोग किया। यह अभिनव वेट मिलिंग उपकरण 25 लीटर की प्रसंस्करण क्षमता वाला है तथा इसका निर्माण स्टेनलेस-स्टील बेस का उपयोग करके किया गया है। यह प्रणाली 75–100 आरपीएम की गति से संचालित इम्पेलर तथा सिरेमिक बॉल-बेयरिंग तंत्र से सुसज्जित है। उच्च शक्ति वाली यांत्रिक मिलिंग प्रक्रिया के माध्यम से यह प्रणाली धातु, धातु ऑक्साइड तथा जैव-व्युत्पन्न नैनोकणों के उत्पादन में सक्षम है। सुखाने के पश्चात इन नैनोकणों को ठोस पाउडर के रूप में प्राप्त किया जा सकता है, जिससे उत्पादन प्रक्रिया में बेहतर परिशुद्धता एवं पुनरुत्पादकता सुनिश्चित होती है।
कम लागत, स्मार्ट एवं मजबूत मिलिंग प्रणाली के रूप में विकसित यह उपकरण रासायनिक तथा हरित दोनों प्रकार से नैनोकणों के संश्लेषण तथा उनके उन्नत कृषि-आधारित उत्पादों में उपयोग की संभावनाएं प्रदान करता है। इनमें नैनो उर्वरक, नैनो खनिज तथा नैनो कीटनाशक जैसे उत्पाद शामिल हैं। यह तकनीक नैनो प्रौद्योगिकी आधारित कृषि अनुसंधान तथा टिकाऊ कृषि आदानों के विकास के लिए एक बहुउपयोगी मंच प्रदान करने की क्षमता रखती है। इस डिज़ाइन का पंजीकरण ICAR-IIAB के बौद्धिक संपदा (IP) पोर्टफोलियो में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है तथा यह किसानों, कृषि उद्यमियों और कृषि क्षेत्र के हित में स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देने एवं कम लागत वाली, अनुप्रयोग-उन्मुख तकनीकों के विकास के प्रति ICAR की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डॉ. सुजय रक्षित, निदेशक, ICAR-IIAB, रांची, ने इस उपलब्धि के लिए पूरी अनुसंधान टीम को बधाई दी और कृषि अनुसंधान एवं उत्पादन में संभावित अनुप्रयोगों वाली कम लागत की अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने के लिए टीम के प्रयासों की सराहना की।
डॉ. बिप्लब सरकार, प्रधान वैज्ञानिक, ICAR-IIAB, रांची एवं इस नवाचार के प्रमुख विकासकर्ता, ने नैनो-मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में इस तकनीक के व्यापक उपयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कम लागत वाली ठोस नैनो-विनिर्माण प्रणाली नैनो उर्वरकों एवं अन्य नैनो-आधारित कृषि उत्पादों के विकास को अधिक सरल और सुलभ बनाने में सहायक हो सकती है। इससे प्रौद्योगिकी-आधारित कृषि नवाचार के लिए नए अवसर उत्पन्न होंगे। संस्थान प्रौद्योगिकी प्रबंधन इकाई (ITMU), ICAR-IIAB, रांची ने इच्छुक संगठनों, उद्योगों एवं कृषि उद्यमियों को पंजीकृत वेट मिलिंग मशीन प्रोटोटाइप के संबंध में सहयोग, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा व्यापक अनुप्रयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया है।






