होली मनाने को लकेर ऊहापोह की स्थिति है…
राँची:अर्जुन कुमार
25 मार्च दिन दोपहर 12:30 तक रहेगी पूर्णिमा
नामकुम । टाटीसिलवे मन्दिर के पुजारी गिरधर मिश्रा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन की जाती है, फिर इसके अगले दिन यानी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को रंगों वाली होली खेली जाती है.
24 मार्च को होलिका दहन
टाटीसिलवे मन्दिर के पुजारी मधुसूदन पांडेय व गिरधर मिश्रा ने बताया कि वैदिक पंचांग की गणना के मुताबिक इस वर्ष फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 24 मार्च को सुबह 09 बजकर 55 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 25 मार्च 2024 को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगी.
शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा तिथि और भद्रा रहित काल में करना शुभ माना जाता है. इस वर्ष होलिका दहन 24 मार्च को किया जाएगा. लेकिन होलिका दहन के दिन भद्रा साया रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्राकाल को शुभ नहीं माना जाता है और इस दौरान किसी भी तरह का पूजा-पाठ व शुभ काम करना वर्जित होता है.
पंचांग के मुताबिक 24 मार्च को सुबह से भद्राकाल लग जाएगी. इस दिन भद्रा का प्रारंभ सुबह 09 बजकर 54 मिनट से हो रही है, जो रात 11 बजकर 13 मिनट तक रहेगी. इस तरह से भद्राकाल की समाप्ति के बाद ही होलिका दहन किया जा सकता है. वैदिक पंचांग और ज्योतिष के विद्वानों के मतानुसार होलिका दहन का सर्वश्रेष्ठ मुर्हुत रात्रि 11 बजकर 14 मिनट से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. यानी इस दौरान होलिका दहन करना शुभ रहेगा.
26 मार्च को होली खेलने का शुभ मुहर्त
पंडित पुजारी ने बताया की होली 26 मार्च को खेलना शुभ रहेगा. इसी दिन उदया तिथि के साथ चैत्र प्रतिपदा रहेगी और इसी दिन होली की पूजा भी की जाएगी.
इस वर्ष होली महापर्व 24 मार्च दिन रविवार को पूर्णिमा तिथि सुबह 9:45 पर लग रही है जो 25 मार्च 12:29 पर समाप्त होगी होलिका दहन पूर्णिमा में मनाई जाती है होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 11:13 से 12:30 तक है होली महापर्व एकम तिथि में मनाई जाती है जो 25 तारीख को उदय तिथि पूर्णिमा होने के कारण 25 पूर्णिमा ही गिना जाएगा एक काम तिथि 26 तारीख को मान्य होगा एक काम यानी प्रतिपदा चैट कृष्ण पक्ष एकम
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