
सरायकेला : लिपिक क्षेत्र मोहन महतो को रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया…
बंगला भाषा में एक पुरानी कहावत है – “अति लोभे, तांती मोरे ।”

दीपक नाग… ✍️
सर्वविदित है अत्याधिक लोभ और लालच विनाश का द्वार खोल देता है । ऐसे लोग शनिदेव के कुदृष्टि से बच नहीं सकता है । चपेट में आही जातें हैं !

इस संबंध में एसीबी के डीएसपी इंद्रदेव राम ने बताया कि, राहुल कुमार को अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिला । राहुल कुमार ने अपने पिता के ग्रूप इंसोरेंस के पैसा प्राप्ति का जब प्रयास किया तो क्षेत्र मोहन महातो ने दस हजार रुपए रिश्वत के रूप में दावा किया । राहुल कुमार रिश्वत देना के पक्ष में नहीं था । राहुल कुमार ने एंटी करप्शन के पास शिकायत दर्ज किया। एंटी करप्शन ने अपने अंदाज मे एक्शन में आया और लिपिक क्षेत्र मोहन महातो को रंगे हाथों धर दबोचा ।
जाहिर है रिश्वत खोरों को जब तक पैसा लिए बगैर किसी का काम कैसे कर दें ? क्यों कि, बेईमानी उसके रक्त कणों में जड़ जमा लेता है । राहुल कुमार का काम रिश्वत लिए बगैर लिपिक करने वाला नहीं था । राहुल कुमार का कार्य पैसों के लिए रोके रखा । अंत मे मजबूर हो कर उसे एंटी करप्शन के शरण में जाना पड़ा । इस घटना से सरायकेला के ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल में हड़कंप मच गया ।
एक बात तो स्पष्ट है, सत्य के आमने असत्य अधिक समय तक ठीक नहीं सकता है । बेईमानी और रिश्वतखोर को सलाखों के पीछे लाया जा सकता है बशर्ते कि, पहल करने की जरुरत होती है ।
यहां एक बात और कहना जरूरी है कि, एक इंसान लालच के कारण कानून के कटघरे तक पहुंचता है तो उनके परिजनों को राह में चलते वक्त नजर उठाकर चलना भी दुभर हो जाता है ।
