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खिजरी टोली में 21वां झंडागड़ी प्रार्थना सभा संपन्न, सरना धर्म के प्रति बढ़ी आस्था
राँची : अनगड़ा प्रखंड के खिजरी टोली में रविवार को 21वां झंडागड़ी प्रार्थना सभा श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। धर्माचार्य उरांव के नेतृत्व में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने जल अर्पण कर पारंपरिक रीति से पूजा-अर्चना की। इस मौके पर सरना धर्मगुरुओं को सम्मान स्वरूप सरना गमछा भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रार्थना सभा के संरक्षक एवं समाजसेवी  पारसनाथ उरांव ने कहा कि जब से खिजरी टोली में प्रार्थना सभा की शुरुआत हुई है, तब से आदिवासी समाज में अपने धर्म और परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि “आदिवासी प्रकृति पूजक होते हैं और सदियों से जल, जंगल, जमीन की रक्षा करते आ रहे हैं।” श्री उरांव ने यह भी कहा कि रांची अनगड़ा पूर्वी क्षेत्र में सरना धर्म की लोकप्रियता निरंतर बढ़ रही है, जिससे धर्मांतरण की प्रवृत्ति लगभग थम गई है। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि रिया तिर्की और अनगड़ा प्रमुख दीपा उरांव ने भी समुदाय को संबोधित करते हुए अपनी संस्कृति और धर्म के संरक्षण पर बल दिया। उन्होंने युवाओं से सरना धर्म और आदिवासी मूल्यों को अपनाने व आगे बढ़ाने की अपील की। सभा का संचालन बैजनाथ उरांव ने किया। कार्यक्रम में हिर्दू उरांव, हरखू मुंडा, मंटू उरांव, शशि उरांव, सुनीता उरांव, गांगी उरांव, सकरा बेदिया, महावीर बेदिया, मदन बेदिया, भजन बेदिया, सोमा उरांव, दीनबंधु उरांव, जौरी उरांव, गौरी देवी, अम्पी उरांव, तेजुआ उरांव सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे। प्रार्थना सभा के सफल आयोजन ने एक बार फिर साबित किया कि आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक परंपराओं को जीवित रखने के लिए एकजुट है।

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