
जिला स्तरीय कार्यशाला में एमएसीटी मामलों में पीड़ितों को त्वरित मुआवजा देने पर जोर

रिपोर्टर : जगबंधु महतो
सरायकेला । मोटर वाहन दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समय पर मुआवजा उपलब्ध कराने पर ज़ोर देते हुए आज सरायकेला स्थित लोक अदालत हॉल में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA), रांची के निर्देश पर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां, श्री रामाशंकर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत देना न्याय प्रणाली की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि एमएसीटी मामलों में अब मात्र ₹10 की कोर्ट फीस निर्धारित की गई है, जिससे पीड़ितों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जा रही सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सभी से सहयोग की अपील की।
उन्होंने दुर्घटना से संबंधित दस्तावेजों को समय पर प्रस्तुत करने और मोटर वाहन अधिनियम में किए गए नए संशोधनों की जानकारी साझा करते हुए कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है ताकि वे अपने क्षेत्र में शीघ्र न्याय सुनिश्चित कर सकें।
कार्यशाला में एमएसीटी मामलों में न्याय प्रक्रिया, दस्तावेजीकरण, पीड़ितों की सहायता तथा संशोधित कानूनों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक और संवादात्मक बनाने पर बल दिया गया ताकि इसका लाभ हर जरूरतमंद तक पहुँच सके।
इस दौरान श्री तौसीफ मेराज, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री प्रदीप उरांव, उप पुलिस अधीक्षक, श्री देबाशीष ज्योतिषी, सचिव, जिला बार एसोसिएशन, श्री जलेश कबी, संयुक्त सचिव, जिला बार एसोसिएशन, चिकित्सा पदाधिकारी श्री चंदन कुमार, मोटर यान निरीक्षक, पुलिस विभाग एवं परिवहन कार्यालय के कर्मियों सहित अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।
कार्यशाला को सभी ने उपयोगी बताया और पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा में इसे महत्वपूर्ण कदम करार दिया।

