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चिलगु में चार दिनी झारखंड सामाजिक परिवर्तनशाला संपन्न

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संवाददाता : कल्याण पात्रा 

चांडिल । सोबरन स्मृति ट्रेनिंग सेंटर, चिलगु (चाकुलिया) में आयोजित झारखंड सामाजिक परिवर्तनशाला (JSSC 2025-26) के दूसरे बैच की पहली आवासीय कार्यशाला के चौथे दिन प्रतिभागियों ने चिलगु पुनर्वास स्थल (कॉलोनी) का एक्सपोजर विजिट किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने पांच समूहों में बंटकर वहां रह रहे विस्थापित ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं भौगोलिक स्थिति को क़रीब से समझा।

विस्थापन का दर्द

प्रतिभागियों ने जाना कि स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के तहत चांडिल डैम से 116 गांव पूर्ण और आंशिक रूप से विस्थापित हुए थे। इन ग्रामीणों को अपनी पुरखों की ज़मीन, घर, संस्कृति और पहचान छोड़कर बिखरकर बसना पड़ा। अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों ने कहा कि विस्थापन की पीड़ा वही समझ सकता है, जो कुछ दिन उनके बीच रहकर देखे।

सरकारी उदासीनता पर सवाल

एक्सपोजर विजिट के बाद प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और समीक्षा में यह निष्कर्ष निकला कि झारखंड में विस्थापन की समस्या वर्षों से क़ायम है। पुनर्वास को लेकर सरकारी स्तर पर ठोस पहल नहीं की जा रही है।

रिवीजन और फीडबैक

शाम को हुए रिवीजन सत्र में प्रतिभागियों ने चार दिनों तक हुए संवाद, चर्चाओं और गतिविधियों का सिंहावलोकन किया। रात्रि फीडबैक सत्र (9 से 11 बजे) में युवाओं ने कहा कि सामाजिक परिवर्तनशाला आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है और समाज में रचनात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसी कार्यशालाएं नियमित रूप से राज्य और देश स्तर पर होनी चाहिए।

रंगकर्मी और फिल्मी हस्तियों की मौजूदगीदोपहर में जमशेदपुर के रंगकर्मी और अभिनेता प्रेम शर्मा तथा मुंबई के यशराज फिल्म्स के पूर्व कास्टिंग डायरेक्टर निशान सपरिवार पहुंचे और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

गांधीवादी चिंतक अरविंद अंजुम का संदेश

शाम को सर्व सेवा संघ से जुड़े गांधीवादी चिंतक अरविंद अंजुम ने आगामी 2 अक्टूबर से 26 नवंबर तक बनारस राजघाट से दिल्ली राजघाट तक होने वाली पदयात्रा “एक कदम गांधी के साथ” की जानकारी दी और युवाओं से इसमें जुड़ने की अपील की। इसके बाद शिविर में अंजुम का जन्मदिन भी उल्लासपूर्वक मनाया गया।

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