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कुकड़ू के शिक्षकों के वेतन व मूलभूत सुविधाओं की मांग, विधायक सविता महतो ने सीएम को सौंपा ज्ञापन

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शहीद निर्मल महतो उच्च विद्यालय में 20 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को नहीं मिला पारिश्रमिक, बुनियादी सुविधाओं की भी उठी मांग

 

ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुकड़ू स्थित शहीद निर्मल महतो उच्च विद्यालय के शिक्षकों को वेतन भुगतान एवं विद्यालय की विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर विधायक सविता महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को रांची में ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन चालू सत्र के अंतिम दिन विद्यालय के प्रतिनिधिमंडल के साथ सौंपा गया।
ज्ञापन में विधायक ने बताया कि विद्यालय में कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारी पिछले दो दशकों से लगातार अपनी सेवा दे रहे हैं, लेकिन आज तक अस्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों के पारिश्रमिक का कोई ठोस निर्धारण नहीं किया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय देने एवं आवश्यक कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की।
इसके साथ ही विधायक ने विद्यालय के समग्र विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। इनमें खेल मैदान की चारदीवारी निर्माण, छात्रावास की मरम्मत, कम्युनिटी हॉल एवं शौचालय निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं।
ज्ञात हो कि स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के तहत चांडिल जलाशय से प्रभावित विस्थापितों, दलितों एवं आदिवासी समुदाय के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 1993 में कुकड़ू पुनर्वास स्थल पर इस विद्यालय की स्थापना की गई थी। इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षकों के वेतन जैसी समस्याएं आज भी बरकरार हैं।वहीं, बीते पांच वर्षों से विद्यालय में पढ़ने वाली विस्थापित दलित एवं आदिवासी परिवार की छात्राओं को साइकिल अनुदान और सावित्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया है, जिससे अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है।
इस मौके पर प्रखंड अध्यक्ष कित्तीवास महतो, शिक्षक राम प्रसाद कुम्हार, पीतांबर महतो, सोनू रजक, वरुण चंद्र महतो, मुकुंद लोहरा, गुरुपद प्रामाणिक, सुषेण कुम्हार, झामुमो केंद्रीय सदस्य काबलू महतो एवं स्नेहा महतो सहित कई लोग उपस्थित थे।
अब देखना यह होगा कि सरकार इस ज्ञापन पर कितनी तत्परता से कार्रवाई करती है और शिक्षकों व छात्रों को कब तक राहत मिल पाती है।