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जन आक्रोश महिला सम्मेलन संपन्न, विपक्ष के खिलाफ फूटा गुस्सा

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Arjun Kumar….✍️

नामकुम(राँची) । प्रखंड स्थित जैक काउंसिल के समीप सभागार में बुधवार को जन-आक्रोश महिला सम्मेलन जिला उपाध्यक्ष माधुरी देवी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में रांची जिला पूर्वी से बड़ी संख्या में पहुंचीं महिलाओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों के रुख पर कड़ा विरोध जताया और प्रतीकात्मक रूप से विपक्ष का पुतला दहन किया।
सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित भाजपा नेत्री एवं महिला मोर्चा की प्रदेश कोषाध्यक्ष लवली गुप्ता ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस ने अपनी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर अब देश की महिलाएं पूरी तरह जागरूक हो चुकी हैं और किसी भी प्रकार का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजुर ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद में प्रस्तुत महिला आरक्षण बिल का उद्देश्य महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना था, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाई है। भाजपा जिलाध्यक्ष विनय महतो धीरज ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण विधेयक में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, लेकिन विपक्ष इसकी राह में रोड़े अटका रहा है। सम्मेलन के उपरांत जन-आक्रोश पदयात्रा सांसद समाधान केंद्र से सदाबहार चौक तक निकाली गई। पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने तख्तियां और बैनर लेकर “नारी शक्ति जिंदाबाद” एवं “महिला सम्मान हमारा अधिकार” जैसे नारों से माहौल को ऊर्जावान बना दिया। कार्यक्रम को महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष आरती सिंह एवं जिला उपाध्यक्ष अनुराधा मुंडा ने भी संबोधित किया। सम्मेलन का संचालन महिला मोर्चा महामंत्री रेखा देवी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन जिला मंत्री प्रज्ञा भारती द्वारा दिया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री सत्यदेव मुंडा, मनोज चौधरी, जिला उपाध्यक्ष रोहित साहू, रामसाय मुंडा, रितेश उरांव, विवेकानंद जायसवाल, अमित मिश्रा, चतूर साहू, भगीरथ महतो, राजीव रंजन, तुलसी गोप, मनोरंजन सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता—जयंती देवी, कुन्ती देवी, ज्योति देवी, सबिता देवी, चंदा सिंह, सपना सिंह, उमा देवी, रजनी देवी, रीता देवी, चंद्रावती देवी, ऊषा सिंह, शंकरी डे, देवंती देवी—उपस्थित रहीं।