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उषा मार्टिन फाउंडेशन के प्रशिक्षण ने बदली नीतू बड़ाईक की जिंदगी

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कौशल विकास से मिली नई पहचान, गांव में शुरू किया ब्यूटी पार्लर

Arjun Kumar …✍️

नामकुम(राँची) । रांची जिले के आरा गांव की रहने वाली नीतू बड़ाईक आज ग्रामीण युवतियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उनके पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं था और छोटी-बड़ी आवश्यकताओं के लिए उन्हें परिवार पर निर्भर रहना पड़ता था। परिवार में माता-पिता, एक भाई और बड़ी बहन के साथ रहने वाली नीतू ने परिस्थितियों को चुनौती देते हुए आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया। इसी दौरान उन्हें उषा मार्टिन फाउंडेशन द्वारा युवतियों एवं महिलाओं के लिए संचालित निःशुल्क ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम की जानकारी मिली। उन्होंने इस अवसर का लाभ उठाते हुए प्रशिक्षण के लिए पंजीकरण कराया और चार माह के प्रशिक्षण में पूरी लगन और समर्पण के साथ भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने ब्यूटी केयर, हेयर स्टाइलिंग, स्किन ट्रीटमेंट, मेकअप तथा ग्राहक प्रबंधन जैसे व्यावहारिक कौशल सीखे। इस प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद नीतू ने जनवरी 2026 में अपने गांव में ही एक ब्यूटी पार्लर की शुरुआत की। शुरुआती चुनौतियों के बावजूद उन्होंने मेहनत और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के बल पर ग्राहकों का विश्वास अर्जित किया। वर्तमान में उनका पार्लर नियमित रूप से संचालित हो रहा है और वे प्रतिमाह लगभग 7,000 से 8,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ वे अपनी आवश्यकताओं को स्वयं पूरा कर रही हैं तथा उनकी सफलता से गांव की अन्य युवतियां और महिलाएं भी कौशल प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार की ओर प्रेरित हो रही हैं।
इस अवसर पर उषा मार्टिन फाउंडेशन के सचिव डॉ. मयंक मुरारी ने कहा, “महिलाओं को कौशल से सशक्त बनाना ही सच्चे सामाजिक परिवर्तन की नींव है। कौशल विकास केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई पहचान है। नीतू जैसी युवतियों की सफलता यह सिद्ध करती है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं भी अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।” उन्होंने कहा कि निरंतर अध्ययन, सीखने की इच्छा और मेहनत किसी भी व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकती है। नीतू बड़ाईक की उपलब्धि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है और यह दर्शाती है कि सही दिशा, प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर युवा न केवल अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं, बल्कि समाज में भी बदलाव के वाहक बन सकते हैं।