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“नशे के खिलाफ सिरूम से बिगुल, मधुश्री महतो ने छेड़ी जनजागरण की मुहिम; ‘नशा मुक्त जिला’ बनाने का लिया संकल्प”

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रिपोर्टर : जगबंधु महतो

युवाओं को बचाने और समाज को सशक्त बनाने के लिए गांव-गांव चलेगा अभियान, ग्रामीणों ने लिया नशामुक्त समाज निर्माण का प्रण

 

कुकड़ू : सरायकेला-खरसावां जिले को नशामुक्त बनाने की दिशा में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो के नेतृत्व में मध्य विद्यालय सिरूम से नशा मुक्ति अभियान के प्रथम चरण का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया।

अभियान की शुरुआत करते हुए मधुश्री महतो ने कहा कि नशा आज समाज के सामने सबसे बड़ी सामाजिक चुनौतियों में से एक बन चुका है। शराब, तंबाकू और अन्य मादक पदार्थों की लत न केवल युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रही है, बल्कि परिवारों और सामाजिक व्यवस्था को भी कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि गांव और समाज को समृद्ध बनाना है तो सबसे पहले नशे की जड़ों पर प्रहार करना होगा।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “जन-जन का एक ही नारा, नशा मुक्त हो जिला और प्रखंड हमारा” केवल एक नारा नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकल्प है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि यही नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है।

मधुश्री महतो ने घोषणा की कि आने वाले दिनों में गांव-गांव जाकर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। लोगों को नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों से अवगत कराया जाएगा ताकि समाज में जागरूकता बढ़े और नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं ने नशामुक्त समाज निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने अभियान को जन आंदोलन का रूप देने तथा अपने-अपने क्षेत्र में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का वचन दिया। सिरूम से शुरू हुई यह मुहिम अब पूरे कुकड़ू प्रखंड और जिले में सामाजिक परिवर्तन की नई अलख जगाने की ओर अग्रसर है।