
आदित्यपुर : जेएलकेएम पार्टी के नेतृत्व में किया गया प्रदर्शन रंग लाया, कंपनी प्रबंधन ने मानी मांग
रिपोर्ट : जगबंधु महतो

आदित्यपुर : सरायकेला जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र फेज-3 स्थित टफ सील्स प्राइवेट लिमिटेड में मजदूरों और जेएलकेएम पार्टी के जीला अध्यक्ष दीपक महतो के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन का असर दिखा। पांच दिन पहले कंपनी गेट पर धरना-प्रदर्शन और हंगामा करने वाले मजदूरों की मांगों पर अंततः कंपनी प्रबंधन को मानना पड़ा । कंपनी से निकाले गए कर्मचारी कांग्रेस महतो के समर्थन में जेएलकेएम पार्टी के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। मजदूरों का आरोप था कि कंपनी न्यूनतम वेतन नहीं दे रही, पीएफ और अन्य सुविधाओं से वंचित कर रही है और रिटायरमेंट के समय शोषण कर रही है। इसके अलावा स्थानीय मजदूरों को नजरअंदाज कर, ठेकेदारों के माध्यम से बाहर से लाए जा रहे मजदूरों को प्राथमिकता दिए जाने का भी विरोध किया था। लगातार विरोध के बाद 7 मार्च 2025 को कंपनी प्रबंधन और मजदूर प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ। समझौते के अनुसार कंपनी द्वारा अप्रैल 2025 से सरकार के निर्धारित न्यूनतम मजदूरी दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा। बिना किसी ठोस कारण और सूचना के किसी भी मजदूर को अनावश्यक रूप से नहीं निकाला जाएगा और न ही मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाएगा। कांग्रेस महतो और अन्य स्थायी मजदूरों पर 60 वर्ष की आयु से पहले वीआरएस लेने का दबाव नहीं डाला जाएगा। अप्रैल 2025 से सभी मजदूरों को ईपीएफ, ईएसआईसी और बोनस का लाभ मिलेगा। 10 वर्षों से कार्यरत कैजुअल मजदूरों में से हर साल पांच मजदूरों को स्थायी किया जाएगा।

कंपनी के स्थायी मजदूर वनराम महतो के पुत्र निखिल महतो को अप्रैल 2025 से स्थायी रूप से कंपनी में नियुक्त किया जाएगा। हर साल कार्यरत मजदूरों को इंक्रीमेंट का लाभ दिया जाएगा। समझौते के बाद जेएलकेएम पार्टी और कंपनी के कर्मी कांग्रेस महतो ने इसे एक बड़ी जीत बताया। पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक कुमार महतो ने कहा कि यह संघर्ष मजदूरों के हक और अधिकार के लिए था और आगे भी अगर कोई अन्याय होगा तो हम सड़क पर उतरेंगे। समझौते के बाद अब देखने वाली बात यह होगी कि कंपनी प्रबंधन अपने वादों पर कितना अमल करती है और मजदूरों को समय पर सुविधाएं और वेतन मिलता है या नहीं।
