
सीआईआई यंग इंडियन का वार्षिक कार्यक्रम संपन्न, टेक्नोलाॅजी निर्धारित करेगा हमारा भविष्य: डाॅ मयंक मुरारी
रांची ब्यूरो (अर्जुन कुमार) किसी देश का मूल्य उसके पास मौजूदा धन या संपति से नहीं बल्कि उसके लोगों से आंका जाता है। हियूमन रिसोर्स को जबतक हियूमन कैपिटल में नहीं बदला जायेगा, विकास संभव नहीं है। पूरे दुनिया में यही हो रहा है। उक्त बातें झारखंड के चिंतक और उषा मार्टिन के सीएसआर हेड डाॅ मयंक मुरारी ने कहीं। वह आज सीआईआई के तत्वावधान में आयोजित यंग इंडियन रांची चेप्टर के वार्षिक समारोह में विचार व्यक्त करे रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले 150 सालों का इतिहास विचारों के इर्द गिर्द चला, आनेवाला समय तकनीक के साथ चलेगा। इस अवसर पर दिव्य तनेजा ने कहा कि यंग इंडियन के माध्यम से समाज को जागरूक करने एवं युवाओं को इनोवेशन एवं तकनीकी दक्षता से जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। सालोंभर चलनेवाले कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी हो यह प्रयास रहता है। रांची चेप्टर के को-चेयर राहुल मारू ने कहा कि वैज्ञानिक सोच को स्कूल एवं काॅलेज के युवाओं के बीच ले जाना होगा। समाज के विकास के साथ आधुनिक तकनीक को जोड़कर जीवन को सरल बनाया जा सकता है। निखिल अग्रवाल ने इस अवसर पर वर्ष 2024 के दौरान किये जानेवाले कार्यों का उल्लेख किया। इस अवसर पर रितेश गुप्ता ने नये को-चेयर और चेयर की घोषणा की। राहुल मारू एवं आदित्य को चेयर और को-चेयर बनाया गया है। कार्यक्रम का संचालन सीआईआई की सिमरन कुमारी ने किया। इस अवसर पर रांची के युवा व्यवसायी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।


