
“राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाशिंग सेंटरों के कारण सड़क सुरक्षा और पर्यावरण पर बढ़ रहा संकट”- ज्योतिर्मय दास की प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील।

बहरागोड़ा(रिपोर्ट – देवाशीष नायक):- बहरागोड़ा क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे के अवस्थित हुए ओडिशा और जमशेदपुर को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे स्थित वाशिंग सेंटरों से उत्पन्न समस्याएँ बढ़ती जा रही हैं। इन वाशिंग सेंटरों द्वारा किए जाने वाले ट्रकों के धोने से सड़क पर ग्रीस, तेल, और गंदे पानी का बहाव हो रहा है, जिससे सड़कों पर फिसलन और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासी और यात्री इस स्थिति से रोजाना जूझ रहे हैं।
स्थानीय अधिवक्ता ज्योतिर्मय दास ने इस गंभीर मुद्दे पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, “सड़क किनारे वाशिंग सेंटरों का संचालन यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और पर्यावरण के लिए खतरे का कारण बन चुका है।” उन्होंने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की अपील की है ताकि इस समस्या का समाधान हो सके और दुर्घटनाओं की रोकथाम की जा सके।
सड़क पर फैलने वाला गंदा पानी विशेष रूप से अत्यधिक नमी वाले मौसम में गंभीर समस्याएँ उत्पन्न कर रहा है। इसके चलते कई सड़क दुर्घटनाएँ हो चुकी हैं, जिनमें स्थानीय लोग घायल हुए हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि सड़क पर गंदगी और पानी के कारण उनका चलना मुश्किल हो जाता है। यही नहीं, वाशिंग सेंटरों के कारण ट्रकों की लंबी कतारें सड़क पर लग जाती हैं, जिससे यातायात अवरुद्ध होता है और आपातकालीन सेवाओं को भी भारी दिक्कत होती है।
“हमारी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए,” – ज्योतिर्मय दास ने कहा, साथ ही यह भी जोड़ा कि वाशिंग सेंटरों के संचालन में पर्यावरणीय मानकों का पालन करना और सड़क पर फैलने वाले गंदे पानी को नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि वाशिंग सेंटरों के संचालन के लिए ठोस नियम और दिशा-निर्देश बनाए जाएं।
निवासियों और यात्रियों की बढ़ती असुविधाओं को देखते हुए, ज्योतिर्मय दास ने कहा, “यह समय है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान दे और एक स्थायी समाधान निकालें ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।”
स्थानीय निवासियों और नागरिक समाज ने इस मामले में प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा में सुधार हो और यातायात व्यवस्था में कोई अवरोध न हो।

