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भागलपुर : एक बिहारी मरकर भी छह गुजरातियों में जिंदगी डाल गये…

संजय कुमार विनीत…✍️

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एक बिहारी के ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिजनों के द्वारा देहदान के मानवीय निर्णय से गुजरात के छह लोगों की जिंदगी में उमंग लाने का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। एक बिहारी के छह विभिन्न अंग दोनों किडनी, दोनों आंखें, हार्ट और लीवर छह गुजरातियों के शरीर में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण के बाद बिहार भागलपुर के चमक लाल आज भी मरणोपरांत चमक रहें हैं।

भागलपुर जिले के शिवनारायणपुर के बभनगामा कलगीगंज निवासी चमक लाल ने ब्रेन डेड होने के बाद गुजरात के छह लोगों की जिंदगी बदल दी। किसी को किडनी की जरूरत थी, तो किसी को लीवर की, किसी की आंखों को रोशनी का इंतजार था, तो किसी को हार्ट की। एक देहदान से छह लोगों को नयी जिंदगी मिल गयी है। सूरत में क्रेन चालक की नौकरी करनेवाले चमक लाल के परिजनों ने डॉक्टरों द्वारा उनको ब्रेन डेड घोषित करने के बाद अंगदान कर छह लोगों की जिंदगी बदलकर मानव सेवा का काम किया है। चमन लाल की दोनों किडनी, हार्ट, लीवर और दोनों आंखें दान कर दी गईं।

देहदान में महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाले डोनेट लाइफ के फाउंडर निलेश मंडलेवाला ने मीडिया को बताया कि 28 मार्च को काम करने के दौरान क्रेन से गिरने से चमक लाल गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। उन्हें सूरत में भर्ती कराया गया और 1 अप्रैल को डॉक्टरों ने चमन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया। इसके बाद संस्था के प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और चमन लाल के परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने फैसला करने के लिए थोड़ा वक्त लिया और 2 अप्रैल की सुबह अंगदान की सहमति दे दी। इसके बाद ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बॉडी को दो घंटे में सूरत से अहमदाबाद लाया गया, फिर लीवर, हार्ट, किडनी और आंखें दान की गईं।

निलेश मंडलेवाला ने बताया कि देहदान के बाद चमन लाल के शव को पटना की दधिचि देहदान समिति के विमल जैन ने अहमदाबाद से भागलपुर तक भिजवाने का इंतजाम किया। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था ने निर्णय लिया है कि चमन लाल के बेटों की पढ़ाई में वो मदद करेगी। चमन के बड़े बेटे नीतीश टीएनबी कॉलेज में बीए फर्स्ट इयर, मंझले बेटे संजीव 10वीं और छोटे बेटे जयकांत नौवीं में हैं।संस्था इन सबकी आर्थिक मदद भी करेगा।

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