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घाटशिला : लोकल और शिक्षित आपके बीच के युवक जनता के पास सबसे बड़ा विकल्प… JLKM

दीपक नाग… ✍️

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घाटशिला विधानसभा उपचुनाव चुनाव को लेकर JLKM के प्रत्याशी और पार्टी के चुनाव संचालन समिति ने किया प्रेस वार्ता। जिसमे पार्टी के प्रत्याशी रामदास मुर्मू, चुनाव प्रभारी प्रेम मार्डी और चुनाव संयोजक देवेन्द्र नाथ महातो ने भाजपा और झामुमो को आड़ें हाथों लिया।

देवेन्द्र नाथ महातो ने कहा, जेएलकेएम इस क्षेत्र के प्रत्येक समुदाय और वर्ग के लोगों का लाचारों के लिए हमेशा लड़ा है और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने ने कहा, चुनावी दौरे के भ्रमण करते समय भ्रष्टाचार और विसंगतियों को अपने आंखों से देखा है। पीछले 25 वर्षों में भाजपा और झामुमो के सरकारों ने इन चीजों को समझ पायें तो आज यह उजड़े हुए चमन न होता। जिन्हें मौका मिला सबों ने अपना ही उल्लू सीधा करते रहें।

उन्होंने ने कहा, घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों का भंडार है। यहां से कच्चे माल अन्य राज्यों और विदेशों में भेजा जाता है और यहां के लोग ग़रीब और बेबसी से जल रहा हैं। अगर जेएलकेएम के प्रत्याशी रामदास मुर्मू को यहां के लोग अपना आशीर्वाद दे तो, घाटशिला विधानसभा क्षेत्र से कोई भी प्राकृतिक संसाधन बाहर नहीं भेजा जाएगा। इसी विधान सभा में पूंजी पति को आना होगा और कल – कारखाने खोलना होगा। इससे स्वत: यहां रहने वाले लोगों को स्थाई रोजगार मिलने का रास्ता साफ होता तो दुसरी ओर व्यापारी वर्ग भी खुशहाल होंगे।

देवेन्द्र ने कहा इस क्षेत्र में उत्कृष्ट शिक्षा, उत्कृष्ट चिकित्सा और स्थाई रोजगार देने का कोई स्ट्रेक्चर सरकार के पास कभी नहीं रहा है। होता तो यहां के खदानें न तो बंद होता और न फैक्ट्री ! हर चीज आधा-अधूरा अवस्था में छोड़ दिया गया है सरकार ने।

उन्होंने ने कोल्हान में “भारी वाहन इंट्री” के विरोध मे आदिवासी ने जब विरोध प्रकट किय ऊपर पुलिस प्रशासन के द्वारा हिटलरशाही किया गया। जिसका जेएलकेएम कड़ा विरोध करता है। उन्होंने कहा, पुलिस प्रशासन पावर और वर्दी का ग़लत इस्तेमाल जिन निर्दोष लोगों को गिरफ्तार किया है उन्हें अविलंब रिहा करे। अन्यथा जेएलकेएम इसके खिलाफ वहां जाकर कड़ा आंदोलन करेंगे।

प्रेस के प्रश्नों का जवाब देते हुए चुनाव प्रभारी प्रेम मार्डी ने कहा, पार्टी सुप्रीमो सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महातो दो दिन के लिए बिहार चुनाव में एक शिक्षक के निवेदन पर प्रचार में गये है। जल्दी ही घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी रामदास मुर्मू के चुनावी रथ मे साथ रहेंगे। उन्होंने कहा, अगर इस चुनाव में झामुमो या भाजपा हार जातें हैं तो दोनों राजनीतिक पार्टी को विशेष कोई फर्क नहीं पड़ेगी। क्यों कि, राज्य और केंद्र में इनकी सरकार बनी रहेगी। उन्होंने कहा यह कैसा लोकतंत्र है राजा का बेटा ही सिर्फ राजा बनेगा तो आजाद भारत का तो क्या अर्थ हुआ ? प्रेम मार्डी ने कहा, हमारे प्रत्याशी रामदास मुर्मू को अगर जनता आगे बढ़ाते हैं तो, यह लोकल प्रत्याशी के साथ – साथ एक पढ़ें लिखे युवा होने के कारण स्थानीय मुद्दों को जोरदार तरीकों से सदन मे रख सकेंगे। इसे विपक्ष का न तो भय होगा और न किसी पक्ष राजनीतिक दल का दबाव होगा। घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में जनता के पास यह सबसे बड़ा मौका भी है और विकल्प के रुप में क्या उतरने का गारंटी है।‌क्यों कि, यहां के लोकल प्रत्याशी नहीं होने की तकलीफों को आम जनता वर्षों से देखते आ रहें हैं।

बता दें कि, जेएलकेएम के प्रत्याशी रामदास मुर्मू घाटशिला विधानसभा के ही रहने वाले हैं। और पेशे से एक शिक्षक हैं। परिवार के आर्थिक अवस्था ठीक नहीं होने के कारण यूपीएससी की तैयारी नहीं कर पाएं। वर्तमान समय में अपने भरण-पोषण एक कोचिंग सेंटर चला कर पुरा करतें हैं। बताया जाता है कि, मेधावी और गरीब बच्चों को मुफ्त में पढ़ाया करते हैं। यही वजह है कि, इनके लिए शिक्षा सर्वोपरि हमेशा रहा है। 

उन्होंने ने प्रेस को कहा, झामुमो के मंईया सम्मान योजना “चार दिन की चांदनी, फिर अंधेरी रात” वाली किस्सा समान है । चुनाव के दौरान एक ही महिने में दो-तीन बार महिलाओं के खाते में पैसा भेज कर माता और बहनों को बरगलाने का बखुबी खेल खेला है। चुनाव खत्म होते ही फिर से पहले जैसा अवस्था कर देंगे झामुमो। कुछ को पैसा भेजेंगे और बाकी सारे माता-बहनों का पैसा रोक देंगे। क्यों कि चुनाव का घोषणा होने के बाद ही देना आरंभ किया है । सभी माता और बहनों को झामुमो का यह झांसा पहले से ही समझ में आ गया है। उन्होंने कहा, चुनावी दौरे में महिलाओं ने उन्हें कहा 2500 रूपये न देकर महिलाओं को स्थाई रोजगार दिया होता तो अच्छा होता। इतने पैसों में तो कोई जन-प्रतिनिधि अपना परिवार चल कर पहले दिखाएं !

चिकित्सा के संबंध मे उन्होने कहा, घाटशिला विधानसभा में चिकित्सा “सफेद हाथी” समान बन कर रह गई है। अनेक गांवों में भवन तो है पर जरूरत की दवा, नर्स और डाक्टर तक नहीं है। इतने सालों में सरकार को यह समझना चाहिए था कि, कहां क्या कमी है? रामदास मुर्मू ने कहा, मुझे अगर जनता एक मौका दें तो, मैं ऐसी हालत मे कभी नही छोड़ूंगा। साथ ही यह भी कहा झांटिझरना जैसी दूर्गम गांव को गोद ले लुंगा। सुदूर गांवों के लिए अलग से एंबुलेंस की व्यवस्था जरुर करवाउंगा।

रामदास मुर्मू ने, शिक्षा के लिए कहा कि, मुझे मौका मिले तो, कम से कम एक हजार विद्यार्थियों के लिए मुफ्त में शिक्षा ग्रहण करने के लिए लाईब्रेरी खोलूंगा। साथ ही इच्छुक विद्यार्थियों को JPSC का तैयारी मुफ्त में देने का व्यवस्था करवाएंगे।

उन्होंने ने कहा, गांवों में दौरे करते समय यह महसूस हो रहा है कि, जनमत वैकल्पिक रुप मे एक सच्चे और लोकल चेहरे के तलास में है ।

बहरहाल, चुनावी कुरुक्षेत्र में भाजपा और झामुमो के तुलना में आर्थिक और संगठन के मामले में काफी आगे है। पर घाटशिला विधानसभा उपचुनाव में पहली बार शहरी क्षेत्रों से लेकर गांव तक दबे शब्दों मे यह सुना जा रहा है कि, प्रत्याशी कैसा चुने ? “घर का या शहर का ?”