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आदिवासी भूमिज समुदाय के पारंपरिक ,सामाजिक आगुवाई कर्ताओं का परिचय एवं पहचान

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रिपोर्टर :  अभिजीत सेन

जमशेदपुर/ पोटका । पोटका के मां रंकनी कापड़गादी घाट, धुमकुड़िया भवन परिसर में मंगलवार, 23 सितंबर 2025 को आदिवासी भूमिज समाज झारखंड की ओर से आदिवासी भूमिज चुआड़ विद्रोह के महा नायक वीर शहीद रघुनाथ सिंह के शहादत दिवस के अवसर पर आदिवासी भूमिज समुदाय के पारंपरिक सामाजिक आगुवाईओ का परिचय, एवं पहचान का आयोजन किया गया। इस आयोजन में सर्वप्रथम चुहाड़ विद्रोह एवं भूमिज विद्रोह के महानायकों का फोटो पर पुष्प देकर श्रद्धा सुमन अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। 23 सितंबर को एक ऐतिहासिक शहीद दिवस के रूप में माना जाता है , क्योंकि वीर शहीद रघुनाथ सिंह को ब्रिटिश हुकूमत के द्वारा मार दिया गया था। वही कार्यक्रम में उपस्थित आदिवासी भूमिज समाज के लोगों के द्वारा वीर शहीद रघुनाथ सिंह के जीवनी पर चर्चा करते हुए कहां कि 1832- 33 में अंग्रेजों के खिलाफ जो विद्रोह हुआ था उसमें वीर रघुनाथ सिंह नेतृत्व किया था। उन्होंने जल, जंगल, जमीन, को बचाने के लिए ओर अपना स्वशासन व्यवस्था को कायम रखने के लिए और जमीन का कर वसूली की विरोध मेंअंग्रेजों के खिलाफ जोरदार विद्रोह किया था। यह विद्रोह धालभूम परगना, बहाभुम परगाना, कुचुंग,दिशुम के क्षेत्र में आग की तरह फैल चुका था। इसके पश्चात इस कार्यक्रम में स्वशासन के बारे में चर्चा किया गया। गांव समाज की अगुवाईकर्ताओं का पहचान, परिचय, ओर सामाजिक व्यवस्था एवं कार्य गतिविधियों के बारे में चर्चा किया गया। यह व्यवस्था बहुत ही प्राचीन काल से ही चली आ रही है जैसे नेतृत्वकर्ताओं,दिगर, सरदार-, नायक,पायक, हातु सरदार(प्रधान), नाया,देउरी, पीड़ नाया, डाकुआ ,पांणीगिराइ, डांड़ीया, जान, ओर शासन जागुयाड़ी आदि के बारे में चर्चा किया गया और इस कार्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया गया एवं नेतृत्व कर्ताओं को दिशा देने का काम किया गया। तत्पश्चात आदिवासी भूमिज समुदाय के परंपरिक्षा शासन व्यवस्था का ,सच, किताब का विमचन भी किया गया ओर जिसका खोज सिद्धेश्वर सरदार एवं हरीश भूमिज के द्वारा लिखित रूप में किताब के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस कार्यक्रम में मौके पर आदिवासी भूमिज समाज झारखंड के सलाहकार समिति के सदस्य सिद्धेश्वर सरदार, अध्यक्ष जयपाल सिंह सरदार, हरीश सिंह भूमिज, फकीर सरदार, विभीषण सरदार, विष्णु सरदार, रामेश्वर सरदार, महावीर सरदार, बुद्धेश्वर सरदार, मनोरंजन सरदार, करमु सरदार, शहदेव सरदार, कालीचरण सिंह, शरत सिंह मोनिका सिंह, पिंकी सरदार, लक्ष्मी सिंह, नेपाल कुमार सिंह, मोनज सिंह , हेमंत भूमिज , मोतीलाल सरदार, बिदेन सरदार, निरंजन सरदार, मनमत सिंह, राजेंद्र नाथ सिंह, रामेश्वर सरदार आदि उपस्थित रहे।

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