
पटना : जंग-ए-बिहार, सीट शेयरिंग – एनडीए में तय, महागठबंधन में बैठकों का दौर जारी…
संजय कुमार विनित…✍️

बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता के दो प्रमुख दावेदार गठबंधनों में सीट शेयरिंग को लेकर दावपेंच का सिलसिला अब खत्म होने के कगार पर है। एनडीए में जहाँ सभी घटक दलों के लिए सीटों का बंटवारा हो गया बताया जाता है, वहीं महागठबंधन में इसे लेकर बैठकों का दौर जारी है। पर दोनों ही गठबंधन इसे लेकर गोलमोल जबाब दे रहे हैं और इधर आज शाम चुनाव आयोग के प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव की तिथि की घोषणा संभावित के बाद दोनों गठबंधन तेजी से इसे अंतिम रूप देने में लग गये हैं।
दोनों गठबंधनों में सीट शेयरिंग को लेकर मचा घमासान अब खत्म होने की ओर है। बदलते राजनीतिक समीकरण में दलों के बीच सम्मानजनक सीटों का समझौता एक बहुत ही बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है। एनडीए के घटक दलों में केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने सभी घटक दलों के प्रमुखों से मिलकर सीट शेयरिंग को लेकर एक समीकरण पर सबों की सहमति हासिल कर ली है। सभी घटक दलों के प्रमुख अब आल इज वेल बोलते भी नजर आ रहें हैं।
एक अहम सूत्र के अनुसार एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला जो बनकर तैयार हुआ है उसमें जेडीयू-108 सीट, बीजेपी-107 सीट, एलजेपी (रामविलास)-22, हम-3, और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 3 सीट दी जा सकती है। केंद्रीय मंत्री और बिहार बीजेपी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को जेडीयू, हम और आरएलपी के प्रमुखों से मुलाकात कर 243 विधानसभा सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला लगभग फाइनल कर दिया है। इस संबंध में एलजेपी ( रामविलास) सुप्रीमो चिराग पासवान से भी बात फाइनल हुई बतायी जा रही है।
इधर, महागठबंधन में भी रविवार का दिन बैठकों का दिन रहा। सीट शेयरिंग को लेकर लगातार मिलना जुलना और मंथन जारी देखा गया। बताया जाता है कि सीट शेयरिंग को लेकर लगभग सहमति हासिल कर ली गई है और थोड़ी बहुत असहमति को सुलझा कर अंतिम रूप देने का प्रयास जारी है। पर दोनों ही गठबंधन इसे लेकर अपने पत्ते नही खोल रहें हैं और गोलमोल जबाब देकर निकल जा रहें हैं। प्रत्येक दल के लिए सीटों की अनुमानित संख्या और उम्मीदवारों के नाम पर अंतिम फैसला आज 06 अक्टूबर तक हो जाने और कल मंगलवार को इसकी घोषणा की उम्मीद बतायी जा रही है।
वैसे अगर सूत्र की बात की जाये तो महागठबंधन में सीट शेयरिंग फार्मूला जो प्रस्तावित है, वो इस प्रकार है। राजद – 130 सीटें, कांग्रेस – 55 सीटें, वामदल – 35 सीटें,वीआईपी – 20 सीटें और जेएमएम और आरएलजेपी को राजद अपने कोटे से क्रमश 2 और 3 सीटें देगी। वामदलों को लेकर भी फार्मूला लगभग तय है, इसमें सीपीआई को 6 सीटें, सीपीएम को 4 सीटें और सीपीआई एमएल को 25-27 सीटों पर सहमति बन चुकी है।
महागठबंधन में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भी स्थिति मंगलवार को स्पष्ट हो जाने की उम्मीद बतायी जा रही है। रविवार के बैठकों में सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव के नाम पर सहमति हासिल की गयी है। वैसे, महागठबंधन के सभी घटक दलों में तेजस्वी यादव के नाम पर पहले से सी सहमति थी, सिर्फ एक दल काग्रेंस इसे लेकर खुलकर समर्थन नहीं दिया था। सूत्रों के अनुसार, अब चुनाव आयोग द्वारा चुनावी विगुल के बाद कांग्रेस भी तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर चुनावी मैदान में आने को लेकर तैयार दिख रही है।
फिलहाल, एक ओर जहां चुनाव आयोग, बिहार में चुनाव की तैयारियों को लेकर कमर कस कर लगी हुई है, वहीं दोनों इधर गठबंधन सीट शेयरिंग के अंतिम दौर से गुजरते हुए उम्मीदवारों के नामों पर मुहर लगाने में जुटी दिखाई दे रही है। दोनों गठबंधन के नेता अपनी एकता को चट्टानी साबित करने में बयानों से चुक नहीं रहे हैं, पर सीट शेयरिंग को लेकर आंकड़ों की बात पर गोलमोल जबाब दे रहे हैं। अब चुनावी विगुल बजने के बाद एक एक दिन दोनों गठबंधनों के लिए भारी पड़ रहा है। वैसे मंगलवार का दिन में सीट शेयरिंग को लेकर बहुत सारी बातें सामने आने की उम्मीद है। सीट शेयरिंग की घोषणा के बाद ही गठबंधनों में चट्टानी एकता कितनी है, पता चल पायेगा।
