
राणा सांगा के बलिदान दिवस पर पगला बाबा मंदिर प्रांगण में मनाया गया बलिदान दिवस

दुमका-संवाददाता-मौसम गुप्ता
दुमका राणा सांगा के बलिदान दिवस के अवसर पर वीर कुंवर सिंह चौक स्थित पगला बाबा मंदिर प्रांगण में बलिदान दिवस मनाया गया| अवसर पर आयोजकों ने बताया कि राणा सांगा, जिनका पूरा नाम महाराणा संग्राम सिंह सिसोदिया था, मेवाड़ (राजस्थान) के महान शासक और वीर योद्धा थे।
उनका जन्म 12 अप्रैल 1482 में हुआ था। वे महाराणा कुम्भा के पौत्र और राणा रायमल के पुत्र थे।
राणा सांगा अपने साहस, पराक्रम, और राष्ट्रभक्ति के लिए भारत के इतिहास में अमर हैं। उन्होंने उत्तर भारत में मुग़ल साम्राज्य की जड़ें जमाने की कोशिश को रोकने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
प्रारंभिक जीवन और शासनकाल
राणा सांगा ने मेवाड़ की गद्दी पर बैठकर अनेक रियासतों को एकजुट किया। उन्होंने मालवा, गुजरात और दिल्ली के कई युद्धों में जीत हासिल की और राजपूताना को शक्तिशाली बनाया। उनका शासनकाल मेवाड़ की सैन्य और सांस्कृतिक शक्ति का स्वर्ण युग था। उन्होंने चित्तौड़गढ़ को गौरव और शौर्य का प्रतीक बना दिया। इस अवसर पर ठाकुर श्याम सुंदर सिंह, अरुण सिंह, उदय कुमार सिंह ,मनोज कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह बबलू, मधुर कुमार सिंह, शेखर चौहान ,राकेश रंजन सिंह, राहुल सिंह चौहान, अमन सिंह, आदित्य सिंह, अशोक रावत, संदीप कुमार जय बम बम, अश्वनी कुमार, मिथिलेश सिंह, सत्यम सिंह ऋषिराज सिंह, प्रीतम सिंह, आदर्श सिंह, शुभम सिंह, राहुल सिंह चौहान एवं समाजसेवी एवं बुद्धिजीवी उपस्थित रहे|

