
गर्मी की दस्तक के साथ रांकाड़ गांव में जल संकट गहराया, बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण

चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिला के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत नीमडीह प्रखंड के मधुपुर गांव के टोला रांकाड़ में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीणों के लिए पेयजल जुटाना रोज की चुनौती बन गया है। बड़ेदा पंचायत के मधुपुर गांव के इस टोला में रहने वाले करीब 25 परिवार प्रत्येक दिन पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं इस गांव के निवासी भगीरथ सिंह का कहना है कि अब तक सरकार की ओर से न तो एक भी चापानल की व्यवस्था की गई है और न ही सोलर पानी टंकी लगाई गई है। ऐसे में ग्रामीण लंबे समय से बुनियादी पेयजल सुविधा से वंचित हैं। गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में लगी एकमात्र सोलर पानी टंकी ही लोगों के लिए उम्मीद की किरण थी। इसी से छात्र-छात्राएं और आसपास के ग्रामीण अपनी प्यास बुझाते थे, लेकिन पिछले 3 से 4 महीनों से रखरखाव के अभाव में यह टंकी भी बंद पड़ी है और अब सिर्फ शोपीस बनकर रह गई है। ग्रामीण भगीरथ सिंह बताते हैं कि गांव में एक भी सरकारी नल नहीं होने के कारण उन्हें कुआं और डाड़ी (जलस्रोत) के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है। इसके लिए भी उन्हें गांव से काफी दूर जाना पड़ता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है। गर्मी के बढ़ते प्रकोप के साथ जल संकट और गहराने की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। इस गंभीर समस्या को लेकर जब नीमडीह बीडीओ कुमार एस. अभिनव से संपर्क किया गया, तो उन्होंने मामले की संज्ञान में लेकर ग्रामीणों की समस्या का निराकरण करने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।अब सवाल यह है कि आखिर कब तक प्रशासन जागेगा और रांकाड़ गांव के लोगों को इस भीषण जल संकट से राहत मिलेगा!

