
120 मरीजों का इलाज, निःशुल्क दवा वितरित
– आयुर्वेद से भारतीय चिकित्सा को बढ़ावा: डॉ. ऋषि

रांची। आयुर्वेद जीवन का विज्ञान है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन को बढ़ावा देता है। इससे बीमारियों की रोकथाम और स्वास्थ्य में सुधार संभव है। यह बातें आयुर्वेद एवं पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. ऋषि ने कहीं। वे आज उषा मार्टिन फाउंडेशन द्वारा कारखाना परिसर में आयोजित आयुर्वेदिक मेगा चिकित्सा जांच शिविर में कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
इस शिविर में 120 मरीजों का इलाज कर निःशुल्क दवा वितरित की गई। कार्यक्रम का आयोजन साईं बालाजी धन्वंतरी आयुर्वेदिक अस्पताल एवं शालिनी अस्पताल के सहयोग से किया गया था।
डॉ. ऋषि ने कहा कि आयुर्वेद के माध्यम से भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा मिल रहा है। जागरूकता और जीवनशैली में सुधार से निरोग रहने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका लाभ ग्रामीणों को अवश्य उठाना चाहिए।
एचआर एंड आईआर हेड एन.एन. झा ने कहा कि आयुर्वेद एक वैकल्पिक चिकित्सा प्रणाली है, जो शरीर को प्राकृतिक रूप से ठीक करने में सहायक है। उषा मार्टिन फाउंडेशन द्वारा सीएसआर के तहत एलोपैथिक, होम्योपैथिक, योग और प्राकृतिक चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाता है, जिनका उद्देश्य लोगों को निरोग बनाना और बीमारियों के प्रति सजग करना है।
शालिनी अस्पताल के प्रबंधक राणा विकास ने बताया कि यह कार्यक्रम उषा मार्टिन फाउंडेशन के सहयोग से चलाया जा रहा है। शालिनी अस्पताल टाटीसिलवे, अनगड़ा और नामकुम क्षेत्र में एनीमिया मुक्त अभियान और आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर संचालित कर रहा है, जिसका ग्रामीणों को लाभ मिल रहा है। भविष्य में भी ऐसे शिविर विभिन्न गांवों में आयोजित किए जाएंगे, जिनमें आयुर्वेदिक, एलोपैथिक और होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इस अवसर पर साईं बालाजी धन्वंतरी आयुर्वेदिक अस्पताल के कर्मचारी, उषा मार्टिन फाउंडेशन से मोनित भुटकुमार, भुनेश्वर महतो, मेवालाल महतो, वरुण कुमार और शालिनी अस्पताल से शिशिर भगत, दिलीप मुंडा, सीताराम साहू, संपूर्णानंद सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

