
पत्रकारों के बीमा और निबंधन की प्रक्रिया हो प्राथमिकता – AISMJWA।

राँची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में यूट्यूबर्स और अनधिकृत मीडिया
कर्मियों के प्रवेश पर रोक लगाने के आदेश का ऑल इंडिया स्मॉल एंड मीडियम जर्नलिस्ट वैलफेयर एसोसिएशन (AISMJWA) ने स्वागत किया है। AISMJWA के राष्ट्रीय महासचिव प्रीतम सिंह भाटिया ने स्वास्थ्य मंत्री से फोन पर बात कर इस सराहनीय पहल के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। इस बातचीत के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि “इस अभियान में मुझे ईमानदार मीडिया का भी सहयोग चाहिए, तभी हम फर्जी पत्रकारों पर लगाम कस सकते हैं।”
श्री भाटिया ने मंत्री से आग्रह किया कि इस अभियान को ठोस स्वरूप देने के लिए सबसे पहले राज्य में पत्रकारों का जिला स्तरीय निबंधन और मान्यता प्राप्त पहचान पत्र की व्यवस्था अनिवार्य की जाए। इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही मुख्यमंत्री से बात करेंगे।
इसी के साथ श्री भाटिया ने पत्रकारों को बीमा योजना से जोड़ने की मांग दोहराई, जिस पर मंत्री ने कहा कि “सरकार का प्रयास है कि पत्रकारों को भी स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं से जोड़ा जाए।”
बताते चलें कि AISMJWA द्वारा 3 जून को राज्य के सभी जिलों में उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर फर्जी पत्रकारों पर रोक लगाने और वास्तविक पत्रकारों के लिए पहचान पत्र व बीमा की मांग शुरू की गई थी। इस अभियान के बाद फर्जी पत्रकारों और ब्लैकमेलरों में हड़कंप मच गया है, जो आए दिन ‘प्रेस’ लिखे वाहनों से भ्रम फैलाते नजर आते हैं।
“यह आदेश फर्जी पत्रकारों पर रोक का पहला प्रभावी कदम है” – प्रीतम सिंह भाटिया
श्री भाटिया ने कहा कि यह आदेश राज्य सरकार की ओर से फर्जी पत्रकारों पर लगाम कसने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने मांग की कि यह आदेश केवल अस्पतालों तक सीमित न रहकर सभी सरकारी विभागों में लागू किया जाए। साथ ही सबसे पहले आवश्यक है कि मुख्यधारा के पत्रकारों की पहचान और निबंधन को प्राथमिकता दी जाए।

