
मुसाबनी : पूर्व खिलाड़ीयों ने युथ यूनाइटेड का स्वर्ण जयंती समारोह जोरदार तरीके से मनाने में जुटे
दीपक नाग… ✍️

वक्त के साथ – साथ उम्र भी सरकने लगा पर पुरानी यादें दिलो दिमाग में आज भी उसी जज्बातों के साथ जीवित है । लगभग पचास साल पहले रुह में बस गया था युथ यूनाइटेड फुटबॉल खिलाड़ी का किस्सा । जो आज तक जेहन में कहीं अपने पहचान को बचा कर रखा हुआ है।
यह वाक्या है, सन् 1976 का । मुसाबनी आई. सी. सी. वेलफेयर स्पोर्ट्स ग्राउंड से यह किस्सा सुरु हुई थी। राम चंद्र बाग नाम के एक शख़्स ने युवा पीढ़ी को एक नया दिशा दिया था। आज वह नहीं रहें । स्वर्गीय राम चंद्र बाग एक कुशल प्रशिक्षुक बनकर “टीन एजेर्स” के युवकों को फुटबॉल का बेहतरीन प्रशिक्षण देना आरंभ किया । इस नये पीढ़ी के फुटबाल टीम का उन्होंने नाम रखा “युथ यूनाइटेड”। मरहूम राम चंद्र बाग के लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प का परिणाम था युथ यूनाइटेड फुटबॉल टीम।

दूर-दूर अन्य राज्यों में युथ यूनाइटेड फुटबॉल टीम का डंका बजाने लगा । उस दौरान हिन्दुस्तान कापर लिमिटेड का एक बेहतरीन फुटबॉल टीम “कापर ब्लास्टर” हुआ करता था। युथ यूनाइटेड के पेरफोरमेंस को देखकर कापर ब्लास्टर के कुछ खिलाड़ी ने भी आगे बड़ा और युथ युनाइटेड के नौजवानों को प्रशिक्षण दिया करता था । खेल के बदौलत युथ युनाइटेड के खिलाड़ीयों को पश्चिम बंगाल और उड़िसा मे सरकारी नौकरी मिल गई।
समय के अंतराल में युथ यूनाइटेड का नाम गुमनामी में खो गया । इन पचास सालों मे युथ यूनाइटेड का प्रशिक्षुक, सहयोगी और खिलाड़ियों को मिलाकर कुल इक्कीस लोगों इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

बता दूं कि, इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए टीम के अनेक सदस्य जो उड़िसा, पश्चिम बंगाल, तामिल नाडु, कर्नाटक, केरल वगैरा में बस गए हैं उन लोगों में से अनेक सदस्य उपस्थित होंगे।
आज के इस बैठक में पूर्व खिलाड़ी, लक्ष्मण चंद्र बाग, दीपक नाग, उत्पल राय, मगेन्द्रन, डी. बर्नेट, डी. मोसेस, बिनोद, कासराय हांसदा, विक्रम मार्डी, धरमल मूर्मु, कृष्णा शर्मा, रघु आदि मुख्य रूप से उपस्थित था।
