
शिलान्यास से पहले शिलापट से नाम मिटाए जाने पर ग्रामीण कार्य विभाग पर उठे गंभीर सवाल

दोनों सड़क की लगभग राशि 3.89 करोड़ की लागत से बनने वाला है
सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल सरायकेला खरसावां की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।मामला नीमडीह प्रखंड के बामणी क्षेत्र का है, जहां माझीडीह मोड़ से माकुला भैया बानडीह तक तथा भांगाट से रांकाड तक सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है। इस योजना के शिलान्यास के लिए लगाए गए शिलापट में कई जनप्रतिनिधियों के नाम अंकित किए गए थे।
इनमें (केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, ईचागढ़ की विधायक सविता महतो, जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा और जिला परिषद सदस्य असित सिंह पातर का नाम शामिल था)।लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिलान्यास कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले जिला परिषद सदस्य असित सिंह पात्र का नाम शिलापट से मिटा दिया गया।इस बात को लेकर भांगाट और बामणी के ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि जब पहले से नाम अंकित था, तो उसे हटाने की क्या जरूरत पड़ी।इस मामले ने अब राजनीतिक रंग से देख जरा है और सरकार व विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।फिलहाल, लोगों की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों निर्मल सिंह ने जानकारी दी भांगाट से रांकाड तक सड़क की निर्माण बात है सुबह देखा गया की जिला परिषद सदस्य असित सिंह पातर का नाम शिलापट में अंकित था लेकिन जब शिलान्यास किया तब देखा की असित सिंह पातर का नाम को मिटा दिया गया है। जब मिटा था तो लिखा क्यों, भांगाट के ग्रामीण बहुत दुखी है।वही सुधाकर सिंह ने जानकारी दी हमने जब शिलान्यास करने आए संवेदक और कार्यपालक अभियंता को असित सिंह पातर का नाम अंकित था, उसको मिटा दिया गया क्यों तो कार्यपालक अभियंता ने पोटोकॉल का हवाला देते हुए नाम मिटाने की बात कही।
नीमड़ी जिला परिषद सदस्य असित सिंह पातर जानकारी मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण कार्य प्रमंडल सरायकेला के द्वारा मुझे बताया गया की दो सड़क का शिलान्यास है आप आमंत्रित हैं आइएगा, लेकिन हम जब जाने की तैयारी में है तो वहां के स्थानीय ग्रामीणों ने फोन पर हमको सूचना दिया की शिलापट में नाम लिखा हुआ था लेकिन अभी आपका नाम को मिटा दिया गया, हमें लगता है कि यह राजनीति के दबाव में मेरा नाम को मिटा दिया गया लेकिन यह लोकतंत्र का हनन है, उन्होंने यह भी बताया कि शिलापट में मजदूरी दर नहीं है और समय बौद्ध भी नहीं है। दोनों सड़क का निर्माण बढ़िया से हो। नाम मिटा लेकर हम हमारे डी डी सी और जिला परिषद के बैठक में बात को रखेंगे उसको लेकर हम लोग राज्यपाल और मुख्यमंत्री विज्ञापन सौंपेगा। ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल अधिकारी से दुरभाष मं संपर्क किया गया नहीं हो पाया

